पथरौटा तवा नहर में उतरकर भारतीय किसान संघ ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। अधिकारियों को सद्बुद्धि देने के लिए किसान संघ ने भजन कीर्तन सहित हवन भी किया। संघ की मांग थी कि 27 मार्च की जगह 1 अप्रैल तवाडेम से नहर में पानी नहीं छोड़ा जाए। जिससे किसान अपनी गेंहू की फसल को काट ले।
खेतों में गेहूं की फसल खड़ी
वर्तमान में किसानों के खेतों में गेहूं की फसल खड़ी हुई है। ऐसे में तवाडेम से नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा तो जिन किसानों की फसल कट चुकी है। वह मूंग की फसल की बोबनी के लिए खेतों में लगी नरवाई को जलाना शुरू कर देगा। जिसके कारण जिन किसानों की फसल नहीं कटी है, उनकी फसल को नरवाई की आग से बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्योंकि पूर्व में ऐसी घटनाएं हो चुकी है। जिसके कारण हजारों एकड़ गेंहू की फसल किसानों की जलकर खाक हो चुकी है।
अप्रैल से नहर में पानी छोड़ने की मांग
भारतीय किसान संघ ने 27 मार्च की जगह 1 अप्रैल से नहर में पानी छोड़ने की मांग कुछ दिनों से जल संसाधन विभाग से कर रहे थे। विभाग के नहीं मानने पर किसान संघ ने तवाडेम की मुख्य नहर पथरौटा में अधिकारियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। संघ के पदाधिकारी और सदस्यों ने नहर में बैठकर अधिकारियों की सद्बुद्धि को लेकर भजन-कीर्तन और हवन किया। अब देखना होगा कि क्या विभाग इसकी मांग को स्वीकार करती है या नहीं?