आईपीएस अधिकारी मनीष शंकर शर्मा का दिल्ली में इलाज के दौरान निधन हो गया। मनीष शंकर शर्मा का पार्थिव देह राजधानी भोपाल लाया गया है। उनका अंतिम संस्कार भोपाल में किया जाएगा। उनके निधन से पुलिस विभाग और उनके मित्रों में शोक की लहर है।मनीष शंकर शर्मा का जन्म मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में हुआ था और उन्होंने पुलिस सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्होंने रायसेन, सतना, छिंदवाड़ा और खंडवा जिलों में एसपी के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। इसके अलावा, उन्होंने 1997-98 में संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत बोस्निया और हर्जेगोविना में कार्य किया, जहां उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। मनीष शर्मा का कार्यक्षेत्र बहुत विस्तृत था, और उन्होंने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया में सुरक्षा निदेशक के रूप में भी अपनी भूमिका निभाई।
परिवार में शोक की लहर
मनीष शंकर शर्मा के पिता कृपा शंकर शर्मा मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव रहे थे, और उनके चाचा डॉ. सीताशरण शर्मा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष थे। उनके परिवार और पुलिस विभाग में उनके योगदान को याद करते हुए, उनके समर्पण, कड़ी मेहनत और ईमानदारी की सराहना की जा रही है। उनका निधन मध्य प्रदेश पुलिस और उनके सभी सहयोगियों के लिए एक गहरी क्षति है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
शर्मा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई सम्मान प्राप्त हुए थे। कैलिफोर्निया के सैन डिएगो शहर में उन्हें एक विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, और यूएस हाउस ऑफ रिप्रिजेंटेटिव्स ने उन्हें सर्टिफिकेट ऑफ स्पेशल कांग्रेसनल रिकग्निशन भी प्रदान किया था। उनके योगदान को केवल भारत में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सराहा गया।
चार महाद्वीपों में काम किया
मनीष शर्मा की शिक्षा इंदौर के डेली कॉलेज से शुरू हुई और बाद में उन्होंने बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ पिलानी से MBA की डिग्री प्राप्त की। इसके अलावा, उन्होंने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल सिक्योरिटी, काउंटर टेररिज्म और पब्लिक पॉलिसी में मास्टर डिग्री भी प्राप्त की। उन्होंने अपने करियर के दौरान चार महाद्वीपों में काम किया और वैश्विक आतंकवाद पर लिखी गई पुस्तक ‘ग्लोबल टेररिज्म-चैलेंजेस एंड पॉलिसी ऑप्शंस’ में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान था।
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