रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक के साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार किया है। मामला अपराध क्रमांक 443/2026, धारा 103(1) बीएनएस से संबंधित है।
बनचरौदा के पास मिला था शव
17 सितंबर 2026 को पुलिस को ग्राम बनचरौदा के पास एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। पुलिस के मुताबिक मृतक के सिर और चेहरे पर धारदार एवं कठोर वस्तु से गंभीर चोट के निशान थे। मृतक की पहचान शिवकुमार चंद्राकर (46), निवासी ग्राम रामपुर डंगनिया, थाना गोबरा नवापारा, जिला रायपुर के रूप में हुई।
फॉरेंसिक और डॉग स्क्वाड ने जुटाए सुराग
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड और साइबर टीम की मदद से घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया गया।
साथी शिक्षक पर गया पुलिस का शक
जांच के दौरान सामने आया कि मृतक शिवकुमार चंद्राकर और संदेही चंद्रप्रकाश वर्मा दोनों ग्राम कुम्हारी के एक स्कूल में शिक्षक थे। पुलिस के अनुसार चरवाहे और ग्रामीणों ने मृतक को आखिरी बार चंद्रप्रकाश वर्मा के साथ सफेद स्कूटी पर बनचरौदा की ओर जाते देखा था। इसके बाद पुलिस का शक चंद्रप्रकाश पर गहराता गया।
CCTV और VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट से मिले अहम सुराग
पुलिस ने ग्राम कुम्हारी स्कूल के CCTV फुटेज खंगाले। इसके साथ ही VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट का भी अध्ययन किया गया। पुलिस के अनुसार 17 सितंबर को सुबह करीब 9:35 बजे चंद्रप्रकाश स्कूल पहुंचा और कुछ समय बाद निजी काम का बहाना बनाकर बाहर निकल गया। घटना के बाद वह करीब 12:50 बजे स्कूल वापस आया।
मोबाइल बंद कर बनाई थी लोकेशन छिपाने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने घटना के दौरान अपने मोबाइल की लोकेशन बंद कर दी थी। वापस स्कूल आने के बाद उसने कथित तौर पर यह बताया कि उसका मोबाइल घर पर रह गया है और उपस्थिति दर्ज करने के लिए साथी शिक्षक के मोबाइल से VSK ऐप में लॉग इन किया। पुलिस का कहना है कि इसकी जानकारी ऐप की लॉग रिपोर्ट में सामने आई।
30 लाख रुपये के लेनदेन का विवाद
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह और मृतक पिछले करीब चार साल से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों के बीच रेत, रियल एस्टेट और बुलियन मार्केट में कारोबार से जुड़े लेनदेन भी थे। आरोपी के अनुसार उसने मृतक को करीब 30 लाख रुपये उधार दिए थे।
ब्याज और रकम वापसी को लेकर बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार आरोपी ने बताया कि रकम के बदले मृतक ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन ब्लैंक चेक दिए थे और वह हर महीने ब्याज लेता था। पिछले तीन महीनों से ब्याज नहीं मिलने और कथित तौर पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी मिलने से वह परेशान था।
सुनसान इलाके में ले जाकर हत्या का आरोप
पुलिस के मुताबिक 17 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे दोनों की मुलाकात कुम्हारी स्कूल के बाहर पटवारी कार्यालय के पास हुई। पैसे और ब्याज की वापसी को लेकर विवाद हुआ और दोनों बनचरौदा के सुनसान इलाके की ओर चले गए। पुलिस के अनुसार विवाद बढ़ने पर आरोपी ने स्कूटी में रखे धारदार हथियार से शिवकुमार के सिर के पीछे वार किया और उसके बाद हथौड़े से सिर व चेहरे पर वार कर उसकी हत्या कर दी।
हत्या में इस्तेमाल सामान बरामद
पुलिस ने आरोपी के कथित मेमोरेंडम के आधार पर घटना में इस्तेमाल सफेद स्कूटी, धारदार हथियार और हथौड़ा जब्त किया है। इसके अलावा मृतक के तीन ब्लैंक चेक, पर्स, दोनों के मोबाइल फोन तथा आरोपी के घटना के समय पहने हुए खून से सने जूते, मोजे और कपड़े भी जब्त किए गए हैं।
आरोपी गिरफ्तार, विवेचना जारी
आरंग पुलिस ने 18 सितंबर 2026 को संदेही चंद्रप्रकाश वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पुलिस के अनुसार उसने हत्या की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई एवं विवेचना जारी है।