रीवा हवाई अड्डे से वायुसेवा संचालन की अनुमति मिल गई। सिविल एविएशन डीजीसीए ने लाइसेंस जारी करने से यह प्रदेश का छठा एयरपोर्ट होगा। रीवा के चोरहटा स्थित इस एयरपोर्ट पर एटीआर 72 जैसे बड़े विमान उतारे जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इसे विंध्य क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर बताया। विंध्य क्षेत्र के रीवा एयरपोर्ट के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी।
यह लाइसेंस 8 मार्च 2025 तक वैध रहेगा। इसके बाद लाइसेंस प्रक्रिया फिर से अपनानी होगी। अभी प्रदेश में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और छतरपुर एयरपोर्ट है।
सीएम बोले-आर्थिक विकास को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रीवा एयरपोर्ट को डीजीसीए लाइसेंस मिलने से प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का विस्तार होगा। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-विकसित मप्र के ध्येय के अंतर्गत यह एयरपोर्ट, विंध्य क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
इस एयरपोर्ट से रीवा के विभिन्न सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे क्षेत्र में व्यापार, रोजगार और पर्यटन के क्षेत्र में भी विस्तार होगा। सीएम ने पीएम मोदी एवं नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को धन्यवाद दिया।
पीएमओ से अनुमति बाकी
रीवा एयरपोर्ट के लोकार्पण की भी तैयारी है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक कर चर्चा की। माना जा रहा कि पितृ पक्ष के पहले ही लोकार्पण कराया जा सकता है। पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को भी संभावित तिथि मानी जा रही है। इसके लिए पीएमओ से भी अनुमति ली जानी है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, निवेश की भी उम्मीद
रीवा से हवाई सेवाएं शुरू होने से विंध्य क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, निवेश भी बढ़ेगा। क्षेत्र का आर्थिक परिदृश्य बदल जाएगा, नई नौकरियां मिलेंगी। यहां के निवासियों और व्यवसायों को उम्मीद है कि हवाई अड्डे के संचालन से बेहतर बुनियादी ढांचे और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
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