मध्यप्रदेश पुलिस राज्य में गोवंश के वध और खुले में मांस की बिक्री व अवैध परिवहन पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में पिछले 6 माह से तत्परता से कार्रवाई कर रही है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर प्रत्येक जिले में पुलिस ने अपने खुफिया तंत्र को सक्रिय किया और निगरानी स्वरूप परिवहन मार्ग चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई कर रही है।
सीएम ने निर्देश पर पुलिस हुई सख्त
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा पदभार ग्रहण करने के बाद दिसंबर 2023 में पुलिस मुख्यालय में आयोजित बैठक के दौरान पुलिस को प्रदेश में गोवंश के अवैध परिवहन पर कठोरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद पुलिस ने गत 6 माह में अवैध गोवंश से संबंधित कुल 575 प्रकरण पंजीबद्ध किए हैं।
सीमावर्ती जिलों पर रखी जा रही है विशेष नजर
पुलिस को अवैध परिवहन पर गोपनीय स्तर पर निगाह रखना आवश्यक था। इसलिए पुलिस मुख्यालय ने गत 10 वर्षों के गोवंश के अवैध परिवहन के ट्रेंड और रूट्स का गहन विश्लेषण कर कार्ययोजना तैयार की। इसके आधार पर पुलिस को यह स्पष्ट हुआ कि मप्र के दक्षिण व पश्चिम के सीमावर्ती जिले जैसे बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, उज्जैन, रतलाम, नीमच आदि जिले गोवंश के अवैध परिवहन से सर्वाधिक प्रभावित हैं। इन सभी क्षेत्रों में पुलिस तत्परता से ध्यान पूर्वक लगातार कार्रवाई कर रही है।
गोवंश के अवैध परिवहन पर विशेष अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा 11 जून को प्रदेश के सभी कलेक्टर एवं एसपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान गोवंश के अवैध परिवहन पर विशेष कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया था। इन निर्देशों के परिपालन में पुलिस द्वारा विगत सप्ताह 13 से 20 जून 2024 तक पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर गोवंश के अवैध परिवहन पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की गई। इस अभियान के दौरान पूरे प्रदेश में 70 प्रकरण गोवंश के अवैध परिवहन के दर्ज किए गए।
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