हम आपको तंत्र के उन गणों से रूबरू करा रहे हैं, जो अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी बखूबी जानते हैं. क्योंकि, संविधान में न सिर्फ अधिकारों का जिक्र है, बल्कि कर्तव्य भी बताए गए हैं. खंडवा में एक ऐसा युवा है जो कहीं भी तिरंगे का अपमान होते नहीं देख सकता. वहीं, एक शख्स ऐसा भी है, जो आजीविका के लिए छोटी सी दुकान में कपड़े प्रेस करता है. लेकिन, जब तिरंगा सामने आता है तो उसका दिल बड़ा हो जाता है
खंडवा के दो देशभक्त सुशील राठवे और आशीष शुक्ला. इन दोनों के आमदनी के काम छोटे हैं, लेकिन, दिल बहुत बड़ा है. दोनों देश की शान तिरंगे का अपमान होते नहीं देख सकते