धार शहर की ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़े मामले में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने शनिवार दोपहर अचानक स्थल का निरीक्षण किया। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी कड़ी सुरक्षा के बीच धार पहुंचे और लगभग एक घंटे तक परिसर का बारीकी से अवलोकन किया।
बाहरी और आंतरिक परिसर का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान न्यायाधीशों ने भोजशाला के बाहरी और अंदरूनी दोनों हिस्सों की स्थिति को ध्यान से देखा। व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सर्वे प्रक्रिया से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की। इस दौरान कलेक्टर, एसपी सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आयोजनों और सर्वे की ली जानकारी
सूत्रों के अनुसार, न्यायमूर्तियों ने परिसर में मंगलवार और शुक्रवार को होने वाले आयोजनों के बारे में विस्तार से जानकारी ली ये आयोजन कहां और किस तरह आयोजित किए जाते हैं। साथ ही, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा किए गए सर्वे को लेकर भी स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई गई। मौके पर मौजूद एएसआई अधिकारियों ने पूरी स्थिति स्पष्ट की।
16 मार्च को कहा था खुद निरीक्षण करेंगे
यह मामला ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ की याचिका पर इंदौर खंडपीठ में विचाराधीन है, जिसमें भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को स्पष्ट करने की मांग की गई है। 16 मार्च की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्वयं स्थल निरीक्षण करने की बात कही थी। उसी के तहत करीब 12 दिन बाद यह दौरा किया गया।
शनिवार दोपहर करीब 1:52 बजे न्यायाधीशों का काफिला भोजशाला पहुंचा और लगभग 2:50 बजे तक निरीक्षण चलता रहा। इसके बाद वे वापस रवाना हो गए। इस दौरान कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और एसपी मयंक अवस्थी भी मौजूद रहे।
आगे होगी नियमित सुनवाई
इस मामले में अगली नियमित सुनवाई 2 अप्रैल से प्रस्तावित है। ऐसे में यह निरीक्षण अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे न्यायमूर्तियों को मौके की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी और सुनवाई में यह एक महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।
पहले क्या हुआ था
धार स्थित भोजशाला में 22 मार्च 2024 से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा वैज्ञानिक तरीके से सर्वे शुरू किया गया था, जो 98 दिनों तक चला। जुलाई 2024 में इसकी रिपोर्ट अदालत में पेश की गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के कारण आगे की प्रक्रिया रुकी रही। वर्ष 2026 में यह रोक हटने के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।