छत्तीसगढ़ में आखिरकार राज्यसभा की खाली 2 सीटों के लिए उम्मीदवारों का नाम कांग्रेस ने एलान कर दिया जिसमें एक वरिष्ठ पत्रकार राजीव शुक्ला और दूसरी बिहार की नेत्री रंजीत रंजन नाम घोषित कर दिया है दोनों ही उम्मीदवार छत्तीसगढ़ के बाहर के है इसलिए अब छत्तीसगढ़ सियासी गलियारों में इस मुद्दे को लेकर नई सियासत शुरू होती नजर आ रही है लगातार विपक्ष छत्तीसगढ़ के स्थानीय लोगों को मौका ना देने को लेकर सत्ता पक्ष पर सवाल खड़े कर रहा है।
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस पर यह आरोप लगाया है
लगातार विपक्ष को छत्तीसगढ़ से किसी का नाम राज्यसभा में उम्मीदवार के रूप में घोषित न किए जाने को लेकर सवाल खड़े करने का मौका मिल गया है और अब इसी बात को लेकर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस पर यह आरोप लगाया है कि कांग्रेस से किसी व्यक्ति को राज्यसभा में जाने के योग्य नहीं समझा वहीं दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भी अपने बयान में राज्यसभा छत्तीसगढ़ यह किसी व्यक्ति का नाम ना दिए जाने को लेकर सवाल खड़ा किया है और सरकार पर तंज कसते हुए कहा है दोनों ही सीटों पर बिहार वालों को भेजकर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान किया है मुख्यमंत्री के लिए छत्तीसगढ़िया का मान सम्मान और गौरव केवल बातों में ही है।
कांग्रेस की आंतरिक राजनीति है इस पर विपक्ष को कोई सवाल करने का अधिकार है
दूसरी ओर कांग्रेस पर लगातार विपक्ष द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद सत्ता पक्ष का भी बयान सामने आया जिसमें एक तरफ पीसीसी चीफ ने कहा कि अब विपक्ष के पास कोई मुद्दा शेष नहीं रहा विपक्ष के पास तो एक राज्यसभा सीट जीतने लायक भी विधायक नही हैं सारे निर्णय हाईकमान तय करता है वहीं दूसरी तरफ संसदीय कार्य मंत्री का कहना है कि कांग्रेस से सभी कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि किसी स्थानीय कार्यकर्ता को मौका मिलेगा लेकिन हाईकमान का जो निर्णय है वो पार्टी हित का निर्णय होता है विपक्ष के सवाल पर कहा है यह कांग्रेस की आंतरिक राजनीति है इस पर विपक्ष को कोई सवाल करने का अधिकार है।
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राज्यसभा की दोनों ही सीटों के लिए घोषित किए गए नाम अलग ही सवाल खड़े कर रहे हैं
कुल मिलाकर राज्यसभा की दोनों ही सीटों के लिए छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं को कई उम्मीदें थी लेकिन कांग्रेस द्वारा राज्यसभा की दोनों ही सीटों के लिए घोषित किए गए नाम अलग ही सवाल खड़े कर रहे हैं विपक्ष को अब सत्ता पक्ष पर सवाल खड़े करने और तंज कसने का मौका मिल गया है देखने वाली बात यह होगी राज्यसभा के उम्मीदवार को छत्तीसगढ़ के बाहर से चयन करने का यह निर्णय कांग्रेस के लिए कितना लाभदायक साबित होता है।
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