एक शिक्षक का पर्यावरण से इतना गहरा लगाव की इन्हें हरियाली बिखेरने का नशा और जुनून इस कदर कि महज पौधे लगाने की औपचारिकता नहीं। उनकी सुरक्षा से लेकर पाल-पोसकर बड़ा करना नियमित दिनचर्या में शामिल।
भीषण गर्मी और स्कूल की छुट्टी होने के बावजूद अध्यापक के त्याग की हर कोई सरहाना कर रहा है
हरियाली को लेकर अपने जुनून और प्रेम के चलते एक शिक्षक की तपस्या आज चर्चा का विषय बनी हुई है। भीषण गर्मी और स्कूल की छुट्टी होने के बावजूद अध्यापक के त्याग की हर कोई सरहाना कर रहा है। भीषण गर्मी, पारा 45 डिग्री लेकिन फिर भी मन की इच्छा शक्ति ऐसी की हर कोई आश्चर्य कर रहा है। हम आपको बता रहे है। एक ऐसे शिक्षक की कहानी। जो स्कूलों की छुट्टिया होने के बावजूद भी स्कूल पहुंचकर पौधों की सुरक्षा में लगा हुआ है।
स्कूल मे पढ़ाने वाले शिक्षक रामनारायण मेहर की तपस्या देखने लायक है
ग्राम कसाई देहरिया के स्कूल मे पढ़ाने वाले शिक्षक रामनारायण मेहर की तपस्या देखने लायक है। मेहर स्कूल मे शिक्षक है और साल भर से पर्यावरण और हरियाली के प्रेम के चलते पेड़ पौधों का ध्यान रखते है।
अवकाश के दिनों मे भी इस तरह सेवा करने वाले मेहर की गांव के लोग भी तारीफ कर रहे हे
स्कूल परिसर मे अध्यापक मेहर के आने के पहले स्कूल परिसर पर पेड़ पौधे नही थे। लेकिन आज यहां कई छायादार ओर फलदार पौधे है। जो जल्द ही बड़े होकर पेड़ो का रूप ले लेंगे। अवकाश के दिनों मे भी इस तरह सेवा करने वाले मेहर की गांव के लोग भी तारीफ कर रहे हे। आज के दौर मे कई लोग पेड़ो को काटने मे लगे है। लेकिन शिक्षक मेहर अपने अवकाश के दिन भी पेड़ों की सेवा करना। लोगों के लिए एक मिसाल है।
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