रायपुर। प्रदेश में बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 16 वाहनों को जब्त किया है। इस कार्रवाई से पूरे नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
डिस्टलरी पर छापा, दो कंपनियां जांच के दायरे में
जांच के दौरान वेलकम डिस्टलरी और भाटिया वाइंस डिस्टलरी पर भी कार्रवाई की गई है। दोनों ही संस्थानों से जुड़े दस्तावेज और परिवहन से संबंधित जानकारी खंगाली जा रही है।
‘पार्ट-बी’ अवैध शराब का खुलासा
EOW की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब्त किए गए वाहनों के जरिए “पार्ट-बी” अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा था। यह शराब डिस्टलरी से सीधे शासकीय दुकानों तक पहुंचाई जाती थी, जिससे पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
कर्मचारियों और करीबियों के नाम पर खरीदी गईं गाड़ियां
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों को कंपनियों, कर्मचारियों और उनके करीबी लोगों के नाम पर खरीदा गया था। इससे असली नेटवर्क को छुपाने की कोशिश की जा रही थी।
एक ही वाहनों का बार-बार इस्तेमाल
EOW के मुताबिक, अवैध गतिविधियों में एक ही वाहनों का बार-बार उपयोग किया जा रहा था, जिससे लंबे समय तक यह खेल बिना संदेह के चलता रहा।
निजी गाड़ियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
अब जांच एजेंसी निजी वाहनों के इस्तेमाल की भी पड़ताल कर रही है। आशंका है कि इसमें और बड़े नेटवर्क और प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।
आगे और खुलासों के संकेत
EOW की कार्रवाई लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।