रायपुर। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब राज्यों की तैयारियों में भी दिखने लगा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने संभावित परिस्थितियों को देखते हुए अलर्ट मोड अपना लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री ने सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागीय आयुक्तों, आईजी, कलेक्टरों और एसपी के साथ बैठक की। इस दौरान वैश्विक हालातों के बीच राज्य में आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया गया।
LPG, पेट्रोल-डीजल और उर्वरकों की स्थिति की समीक्षा
बैठक में रसोई गैस (LPG), पेट्रोल, डीजल और उर्वरकों की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में सप्लाई चेन बाधित नहीं होनी चाहिए।
वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी चर्चा
भविष्य की संभावित चुनौतियों को देखते हुए बैठक में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी मंथन किया गया। सरकार ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाने की तैयारी में है।
अफवाह और कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश
मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जमाखोरी, कालाबाजारी या कृत्रिम संकट पैदा करने की कोशिश करने वालों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
कांग्रेस का आरोप—प्रदेश में गैस की कमी
इस बैठक को लेकर सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि प्रदेश में गैस की कमी है, जिसे छिपाया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार से सच्चाई बताने और जनता से माफी मांगने की मांग की है।
सरकार का पलटवार—‘स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में’
कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए राज्य सरकार ने कहा कि प्रदेश में किसी भी आवश्यक वस्तु की कमी नहीं है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि सभी जरूरी सामान पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
सरकार की नजर हालात पर, प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश
फिलहाल राज्य सरकार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और अधिकारियों को हर स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।