रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में साय सरकार के मंत्रियों के दो दिवसीय चिंतन शिविर को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। एक ओर कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर कार्टून पोस्टर जारी कर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं, वहीं भाजपा सरकार इसे विकसित छत्तीसगढ़, सुशासन और बेहतर नीति निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बता रही है। शिविर के समापन के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
4 और 5 जुलाई को हुआ मंत्रियों का चिंतन शिविर
रायपुर में 4 और 5 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने सुशासन, तकनीक, कृषि, पर्यटन और विकासपरक राजनीति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया। सरकार का कहना है कि शिविर में मिले सुझावों को जल्द ही नीतिगत फैसलों और प्रशासनिक सुधारों के जरिए लागू किया जाएगा।
पर्यटन, तकनीक और विकसित छत्तीसगढ़ पर रहा फोकस
चिंतन शिविर में पर्यटन को हाई-वैल्यू, लो-इम्पैक्ट मॉडल के रूप में विकसित करने, बस्तर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने तथा जिला आधारित विकास मॉडल को मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा हुई। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 5G, ड्रोन, ब्लॉकचेन और डिजिटल गवर्नेंस जैसी उभरती तकनीकों के उपयोग पर भी विस्तार से मंथन किया गया।
गौर गोपाल दास ने दिया मूल्य आधारित नेतृत्व का संदेश
शिविर के दौरान आध्यात्मिक वक्ता गौर गोपाल दास ने मंत्रियों को मूल्य आधारित नेतृत्व, जनसेवा और प्रभावी शासन व्यवस्था पर मार्गदर्शन दिया। वहीं 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के संकल्प को भी दोहराया गया।
कांग्रेस ने कार्टून पोस्टर जारी कर सरकार को घेरा
चिंतन शिविर के समापन के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर कार्टून पोस्टर साझा कर सरकार पर निशाना साधा। पोस्टर में पेड़ों की कटाई, 'मोदी की गारंटी', जल-जंगल-जमीन और उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने जैसे मुद्दों को उठाया गया। कांग्रेस ने पोस्ट में लिखा कि "चिंतन शिविर खत्म हो गया, लेकिन छत्तीसगढ़ की समस्याओं का अध्याय अभी भी खुला है।" पूर्व संसदीय सचिव और कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि सरकार ने चिंतन शिविर में जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों के बजाय उद्योगपतियों के हितों पर चर्चा की है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव का पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जवाब देते हुए कहा कि चिंतन शिविर का उद्देश्य बेहतर नीति निर्माण, सुशासन और जनहित के मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श करना था। उन्होंने कहा कि शिविर में पर्यटन, प्राकृतिक खेती, डिजिटल गवर्नेंस, नेतृत्व क्षमता और विकास के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा हुई। अरुण साव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जनहित के कार्यों से कांग्रेस परेशान है और अपने शासनकाल में भ्रष्टाचार करने वाली पार्टी अब सरकार के सकारात्मक प्रयासों पर सवाल उठा रही है।