रायपुर: छत्तीसगढ़ से दक्षिण-पश्चिम मानसून की 12 अक्टूबर 2026 को पूरी तरह विदाई हो गई है। हालांकि, मानसून की विदाई के बाद भी प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश के एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई है। अगले 24 घंटे के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश भी हो सकती है।
अगले 5 दिन आंधी और बिजली गिरने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की विदाई के बावजूद प्रदेश में स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण गरज-चमक और बारिश की संभावना बनी हुई है। अगले पांच दिनों तक एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं।हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को मौसम में होने वाले बदलावों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
रायपुर में 33 डिग्री रहेगा अधिकतम तापमान
राजधानी रायपुर में 13 अक्टूबर को आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, यहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।सोमवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री अधिक रहा।
अंबिकापुर में सबसे कम तापमान दर्ज
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा और प्रमुख मौसम केंद्रों पर बारिश दर्ज नहीं हुई।तापमान में अंतर के बावजूद प्रदेश में फिलहाल व्यापक बारिश की स्थिति नहीं है। हालांकि, कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना बनी हुई है।
बंगाल की खाड़ी से उत्तर प्रदेश तक द्रोणिका सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उत्तरी ओडिशा, झारखंड और दक्षिण-पश्चिम बिहार होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश तक समुद्र तल से लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर द्रोणिका बनी हुई है।इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में करीब 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से मानसून की विदाई के बाद भी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह
अगले पांच दिनों के दौरान आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में खड़े होने से बचें।
आकाशीय बिजली के समय पेड़ों के नीचे शरण न लें।
गरज-चमक के दौरान सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहें।
किसान खेतों में काम करते समय मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में काम करने से बचें।
मानसून की विदाई के बाद भी बदलता रहेगा मौसम
छत्तीसगढ़ से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बाद अब मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, सक्रिय द्रोणिका और ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के कारण कुछ स्थानों पर हल्की बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव हो सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।