रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास कार्यालय में सरगुजा जिले के ग्रामीण इलाकों से शैक्षणिक भ्रमण पर पहुंचे मेधावी छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। अंबिकापुर क्षेत्र के सात शासकीय विद्यालयों से आए करीब 50 विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री ने आत्मीय बातचीत की और उनकी पढ़ाई, रुचियों, अनुभवों और भविष्य के सपनों के बारे में जानकारी ली।इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए बड़ा लक्ष्य तय करना जरूरी है। उन्होंने छात्रों को अनुशासन, मेहनत और पूरी लगन के साथ अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
विद्यार्थियों से जाना भविष्य का सपना
मुख्यमंत्री साय ने शैक्षणिक भ्रमण पर आए विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान उनकी रुचियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा। उन्होंने बच्चों से यह भी जाना कि वे आगे चलकर किस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ सहज और आत्मीय माहौल में संवाद करते हुए उनके अनुभव सुने और उन्हें अपने लक्ष्य को लेकर गंभीरता से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थी जीवन भविष्य की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान देखा गया सपना और उसे पूरा करने के लिए की गई मेहनत आगे के जीवन की दिशा तय करती है।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें हमेशा बड़े सपने देखने चाहिए और उन सपनों को पूरा करने के लिए पूरे मनोयोग से प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के जरिए जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
सिर्फ डॉक्टर-इंजीनियर बनना ही सफलता नहीं
मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को करियर को लेकर व्यापक सोच रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सफलता का मतलब केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनना नहीं है।आज युवाओं के सामने शिक्षा, विज्ञान, अनुसंधान, खेल, तकनीक, प्रशासन और उद्यमिता समेत लगभग हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी की अपनी अलग प्रतिभा और रुचि होती है।मुख्यमंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि वे अपनी क्षमता और रुचि को पहचानें, उसके अनुसार सही लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ मेहनत करें।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की विभिन्न प्रतिभाओं और अपने-अपने क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाले लोगों के प्रेरक प्रसंग भी सुनाए।उन्होंने बच्चों को समझाया कि सीमित संसाधन सफलता की राह में बाधा नहीं बनते, यदि व्यक्ति के भीतर लक्ष्य हासिल करने का जुनून और निरंतर मेहनत करने की क्षमता हो।
प्रदेश में बढ़े उच्च शिक्षा के अवसर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद शिक्षा के क्षेत्र में लगातार विस्तार हुआ है। आज प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर के कई प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित हैं।इन संस्थानों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों को मिलती है नई दिशा
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए आयोजित शैक्षणिक भ्रमण की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों के बच्चों को प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों और नई शैक्षणिक संभावनाओं से परिचित कराने की ऐसी पहल उनके भविष्य के लिए बेहद उपयोगी है।उन्होंने कहा कि इस तरह के भ्रमण से विद्यार्थियों के भीतर नई जिज्ञासा पैदा होती है और उनके सपनों का दायरा भी बढ़ता है। इससे उन्हें अपने भविष्य के लिए नए विकल्पों और संभावनाओं को समझने का अवसर मिलता है।