एमपी में किसानों के लिए राज्य सरकार जहां अनेक योजनाएं चला रही है वहीं ज्यादातर फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी भी कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने तुअर का उपार्जन करने की भी घोषणा की है। प्रदेश के तुअर उत्पादक किसानों के लिए सीएम डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हेंडल पर बताया कि प्रदेश के किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹7550 पर तुअर का उपार्जन किया जाएगा। इससे किसानों को करोड़ों का लाभ होगा। तुअर उपार्जन की राशि किसानों के बैंक खातों में डाली जाएगी। विशेष बात यह है कि वर्तमान में प्रदेश के बाजारों में तुअर के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य से खासे कम हैं। यही वजह है कि तुअर उत्पादक किसानों को सरकारी खरीदी से जबर्दस्त फायदा होना तय है।
प्रदेश के साथ देशभर में तुअर दाल की मांग हमेशा बनी रहती है। किसानों को इसकी कीमत भी बढ़िया मिले इसके लिए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी कररही है। प्रदेश में इस बार भी खरीफ वर्ष 2024 में तुअर की खेती करने वाले पंजीकृत किसानों से तुअर की खरीदी की जाएगी।
तुअर के उत्पादन के लिए एमपी की आबोहवा बहुत अनुकूल मानी जाती है। यही कारण है कि प्रदेश के ज्यादातर जिलों में इसकी बोवनी की जाती है। तुअर की खेती के लिए जहां अच्छी सिंचाई जरूरी है वहीं 18 से 38 डिग्री सेल्सियस का मध्यमान तापमान बेहतर माना जाता है। मटियार दोमट मिट्टी और रेतीली दोमट मिट्टी तुअर उत्पादन के लिए अच्छी होती है। दलहन में आयात कम करने के लिएघरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के अंतर्गत सरकार वर्ष 2024-25 के लिए तुअर की खरीदी कर रही है।
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