इस बार फिर से पंचायत चुनाव के लिए बैलट पेपर पर ठप्पा लगेगा। इस बदलाव की पूरी जानकारी देने के लिए गांव-गांव में मुनादी होगी और जगह-जगह वॉल राइटिंग भी होगी। 2014 में पहली बार जनपद चुनाव सदस्य और जिला पंचायत के चुनाव ईवीएम से हुए थे, लेकिन इस बार नगरीय निकाय चुनाव भी पंचायत के साथ होने के कारण ये संभव नहीं हो पा रहा है। पंचायत चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया सोमवार से शुरु होगी।
6 जून तक नामांकन जमा किए जा सकेंगे। नामांकन जमा करने के लिए फंदा और बैरसिया में 15-15 क्लस्टर बनाए गए
भोपाल जिले में इस बार 222 पंचायतों के चुनाव होना है, पिछली बार इसकी संख्या 187 थी। इन पंचायतों में पंच, सरपंच के साथ जनपद सदस्य व जिला पंचायत सदस्य के लिए नामांकन की प्रक्रिया सोमवार से शुरु होगी। 6 जून तक नामांकन जमा किए जा सकेंगे। नामांकन जमा करने के लिए फंदा और बैरसिया में 15-15 क्लस्टर बनाए गए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एसडीएस संजय श्रीवास्तव ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार गांवों में मुनादी कराई जाएगी। इसके साथ ही प्रचार के लिए अन्य तरीकों को अपनाया जाऐंगा।
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अविनाश लवानिया द्वारा जारी आदेश में हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन करने, बिना अनुमति के रैली करने पर रोक
पंचायत चुनाव में पूरी तरह से बैलट का उपयोग होने से 2009 की स्थिति लौट आई है। पंचायत चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में बारात में भी आतिशबाजी करने पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर अविनाश लवानिया द्वारा जारी आदेश में हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन करने, बिना अनुमति के रैली करने पर रोक लगा दी गई है।
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