पूर्वी मध्यप्रदेश के आसपास गहरा कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मानसून द्रोणिका भी मप्र से होकर गुजर रही है। गुजरात से केरल तक एक अपतटीय द्रोणिका बनी हुई है। प्रभावी मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में झमाझम वर्षा का सिलसिला दौर जारी है। मंगलवार को भोपाल, इंदौर, सिवनी, बालाघाट समेत अनेक जिलों में तेज बारिश हुई। बालाघाट, मंडला-सिवनी जिलों में लोग बाढ़ में फंस गए, जिन्हें रेस्क्यू करना पड़ा।
वहीं झमाझम बारिश से नर्मदापुरम में तवा डैम के 13 में से 9 गेट, जबलपुर में बरगी बांध के 21 में से 11 और रायसेन के हलाली डैम के पांच गेट खोले गए हैं। भोपाल में भी कलियासोत, भदभदा और कोलार डेम के गेट खोले गए हैं। अगले दो दिन तक मौसम में खास बदलाव के आसार नहीं हैं। यानी झमाझम का सिलसिला बरकरार रहेगा।
पूर्वी मध्यप्रदेश के आसपास गहरा कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मानसून द्रोणिका भी मप्र से होकर गुजर रही है। गुजरात से केरल तक एक अपतटीय द्रोणिका बनी हुई है। प्रभावी मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में झमाझम वर्षा का सिलसिला दौर जारी है। मंगलवार को भोपाल, इंदौर, सिवनी, बालाघाट समेत अनेक जिलों में तेज बारिश हुई। बालाघाट, मंडला-सिवनी जिलों में लोग बाढ़ में फंस गए, जिन्हें रेस्क्यू करना पड़ा।
Comments (0)