22 जनवरी 2024 को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होगी। लगभग 500 सालों के बाद अब प्रभु श्रीराम का मंदिर वापस से बनने जा रहा है। इस बीच राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी कड़ी में एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए भगवान राम के सबसे बड़े भक्त का जिक्र किया है।
रामनामी संप्रदाय से बड़ा राम भक्त कौन हो सकता है
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में दिग्विजय सिंह को निमंत्रण न देने वाले सवाल पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में रामनामी संप्रदाय के लोग अपने पूरे शरीर पर “राम” गुदवा लेते हैं। इनसे बड़ा राम भक्त कौन हो सकता है। पीएम पर हमला बोलते हुए आगे कहा कि, क्या इन्हें पीएम नरेंद्र मोदी और विश्व हिंदू परिषद ने आमंत्रित किया था ?
रामनामी संप्रदाय के लोगों ने पूरे शरीर पर “राम” गुदवा लिया
कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया साइट X पर लिखा कि, परसूराम जी को अनुसूचित जाति के होने के कारण 1890 में उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया। दुखी होकर उन्होनें अपने कपाल और पूरे शरीर पर “राम” गुदवा लिया। वहीं से रामनामी संप्रदाय स्थापित हुआ। आज भी छत्तीसगढ़ में रामनामी संप्रदाय के लोग अपने पूरे शरीर पर “राम” गुदवा लेते हैं। इनसे बड़ा राम भक्त कौन हो सकता है। क्या इन्हें पीएम नरेंद्र मोदी और विश्व हिंदू परिषद ने आमंत्रित किया था ?
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