मध्य प्रदेश में डॉक्टरों की पढ़ाई के साथ-साथ स्टूडेंट्स अब योग भी सीखेंगे। प्रदेश के सारे मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई के साथ स्टूडेंट्स को 10 दिन की योग की ट्रेनिंग दी जाएगी। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पढ़ रहे स्टूडेंट्स के लिए योग अनिवार्य किया है। इसको लेकर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने आदेश भी जारी किया है। इसके अनुसार, ये ट्रेनिंग हर साल जून में आयोजित की जाएगी।
जबलपुर मेडिकल कॉलेज को हाल ही में ट्रेनिंग देने से जुड़ा एनएमसी का सर्कुलर प्राप्त हुआ है
जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में इसे लेकर तैयारियां शुरु हो गई है। हाल ही में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पढ़ रहे स्टूडेंट्स के लिए योग अनिवार्य किया है। एसएमसी के सर्कुलर मुताबिक ये ट्रेनिंग प्रतिवर्ष जून माह में होगी। योग के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयारी करन की जिम्मेदार आयुष मंत्रालय के अंतर्गत मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योग को दी गई है। जबलपुर समेत, भोपा, ग्वालियर, इंदौर, रीवा समेत प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में ये प्रशिक्षण दिया जाएगा। जबलपुर मेडिकल कॉलेज को हाल ही में ट्रेनिंग देने से जुड़ा एनएमसी का सर्कुलर प्राप्त हुआ है। हालांकि अभी इसका डिटेल प्रोग्राम अभी नहीं आया हैं।
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ट्रेनिंग 12 जून से शुरु होकर 21 जून को खत्म होगी
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मुताबिक ये ट्रेनिंग 10 दिनों की होगी। जिसमें 1 घंटे की क्लास होगी। ये ट्रेनिंग फाउंडेशन कोर्स के अंतर्गत होगी। ट्रेनिंग 12 जून से शुरु होकर 21 जून को खत्म होगी।
योग दिवस से जोड़ना छात्रों के स्वास्थ्य हित में उठाया एक अच्छा कदम है
आयुष मेडिकल एसोशिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर राकेश पाण्डेय के अनुसार, ट्रेनिंग को योग दिवस से जोड़ना छात्रों के स्वास्थ्य हित में उठाया एक अच्छा कदम हैं। एलोपैथिक, डैंटल और आयुष डॉक्टर्स को मिलकर योग जनमानस को योग के प्रति जागरुक करना चाहिए।
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