मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल सोमवार को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंचे।भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर श्रीलंका के उप जनसंचार मंत्री डॉ. कौशल्या अरियारत्ने ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर भारत के कार्यवाहक हाईकमिश्नर डॉ. सत्यांजल पाण्डे भी उपस्थित रहे।
उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं राज्यपाल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चोवना मीन के साथ कोलंबो पहुंचे हैं यह उच्चस्तरीय दौरा भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेषों की श्रीलंका में आयोजित पहली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के समापन तथा 11 फरवरी को उन्हें भारत वापस लाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। राज्यपाल इस दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
गंगारामया मंदिर में किए पवित्र अवशेषों के दर्शन
कोलंबो पहुंचने के बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गंगारामया मंदिर में प्रदर्शित पवित्र देवनीमोरी अवशेषों के दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मंदिर के मुख्य भिक्षु पूजनीय किरिंदे असाजी थेरो भी मौजूद रहे। राज्यपाल ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर इसकी आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्ता को सराहा।
श्रीलंकाई उप मंत्री को भेंट किया अंग वस्त्र और जनजातीय पेंटिंग
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने श्रीलंका के पर्यावरण उप मंत्री एंटोन जयकोडी को अंग वस्त्र एवं जनजातीय पेंटिंग भेंट कर भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीकात्मक संदेश दिया। यह पहल दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सौहार्द को और मजबूत करती है।
भारत–श्रीलंका के सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बनी यह यात्रा
बौद्ध धर्म के दृष्टिकोण से यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत की ओर से पवित्र अवशेषों को सुरक्षित वापस लाना न केवल एक धार्मिक दायित्व है,बल्कि यह भारत और श्रीलंका के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को भी दर्शाता है।
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