मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान-2025 का उल्लेख करते हुए कहा कि गुड़ी पड़वा 30 मार्च से 30 जून तक अभियान के अंतर्गत जल स्त्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य किया जाएगा। जलाशयों की सफाई, पौधे लगाने, छोटी नदियों, तालाबों और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण के कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों में आमजन की भागीदारी भी रहेगी।
पौधरोपण भी किया गया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में गत वर्ष इस अभियान में लगभग एक हजार करोड़ रूपए की लागत से 38 हजार से अधिक कार्यों का क्रियान्वयन किया गया। इसके अलावा लगभग 300 करोड़ रूपए की लागत से 21 हजार से अधिक जीर्णोद्धार और सुधार कार्य किए गए। गत वर्ष नगरीय क्षेत्रों में भी जल संरचनाओं की कार्य क्षमता में वृद्धि हुई। लगभग 6.40 लाख घन मीटर गाद निकाली गई। जल संचयन में सुधार हुआ। विभिन्न जल संरचनाओं में 30 लाख घन मीटर क्षमतावर्धन में सफलता मिली। पर्यावरण-संरक्षण के लिए जल संरचनाओं के किनारे वृहद पौधरोपण भी किया गया।
विभाग मिलकर कार्य करेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इस वर्ष भी अभियान में विभाग मिलकर कार्य करेंगे। मुख्य रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, पर्यावरण, वन, संस्कृति और कृषि जैसे विभागों की सक्रिय सहभागिता रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान की सफलता के लिए मंत्रीगण को विभागीय स्तर और प्रभार के जिलों में सतत समीक्षा करने को कहा।
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