मध्य प्रदेश में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि अगले दो वर्षों में राज्य के उड्डयन ढांचे में बड़ा विस्तार देखने को मिलेगा। यह पहल न केवल यात्रा को सुगम बनाएगी, बल्कि निवेश और पर्यटन को भी नई दिशा देगी।
उज्जैन और शिवपुरी में बनेंगे नए हवाई अड्डे
मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन और शिवपुरी में नए हवाई अड्डों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जो अगले दो वर्षों में पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही राज्य में हवाई अड्डों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी। यह विकास धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
इंदौर हवाई अड्डे पर सुविधाओं का विस्तार
देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डा पर नवीनीकृत टर्मिनल भवन और अन्य सुविधाओं का लोकार्पण किया गया। इस उन्नयन के बाद हवाई अड्डे की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। नए टर्मिनल ‘टी-1’ के जुड़ने से यहां की सालाना यात्री क्षमता बढ़कर 50 लाख तक पहुंच गई है, जो क्षेत्रीय हवाई यातायात को नई मजबूती देगा।
क्षेत्रीय संपर्क योजना से बढ़ेगा दायरा
राज्य सरकार ने शहडोल, नीमच, छिंदवाड़ा और मंडला की हवाई पट्टियों को क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत विकसित करने की योजना बनाई है। इससे छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा। यह कदम आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने में सहायक होगा।
हर 145 किलोमीटर पर हवाई पट्टी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में हर 145 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी विकसित करने की योजना बनाई गई है। यह रणनीति प्रदेश के भीतर तेज़ और सुलभ आवागमन सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई है। इससे आपातकालीन सेवाओं, पर्यटन और व्यापार को भी लाभ मिलेगा।
आधुनिक सुविधाओं से सशक्त होगा उड्डयन ढांचा
इंदौर हवाई अड्डे के उन्नयन के साथ ही यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे न केवल यात्री अनुभव बेहतर होगा, बल्कि राज्य का उड्डयन ढांचा भी अधिक प्रतिस्पर्धी और सक्षम बनेगा। यह विकास प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विकास की उड़ान को मिला नया आसमान
मध्यप्रदेश में हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों के विस्तार की यह योजना राज्य के समग्र विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखती है। बेहतर कनेक्टिविटी से जहां उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं आम नागरिकों के लिए भी यात्रा अधिक सहज और सुलभ होगी।