मध्यप्रदेश सरकार लंबे समय से चली आ रही कर्मचारियों और पेंशनरों की स्वास्थ्य बीमा योजना की मांग पूरी करने जा रही है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा तैयार कैशलेस स्वास्थ्य बीमा प्रस्ताव को कुछ संशोधनों के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिव समिति ने स्वीकृति दे दी है। अब इसे अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस योजना में प्रत्येक कर्मचारी और पेंशनर के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर रहेगा, जबकि पहले यह 35 लाख रुपये प्रस्तावित था। कर्मचारियों से मूल वेतन का 1% और पेंशनरों से 4% मासिक अंशदान (प्रीमियम) लिया जाएगा।
योजना का स्वरूप और संचालन
इस योजना के दायरे में प्रदेश के 11 लाख से अधिक कर्मचारी और पेंशनर शामिल होंगे। राजस्थान और हरियाणा की तर्ज पर लागू इस स्वास्थ्य बीमा योजना में प्रत्येक हितग्राही का फोटोयुक्त यूनिक डिजिटल आइडी कार्ड बनाया जाएगा। योजना का संचालन राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा किया जाएगा, जिसमें कानूनी, बीमा और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
क्लेम प्रोसेसिंग, हेल्थ पैकेज और अस्पतालों की संबद्धता की निगरानी के लिए तकनीकी टीम का गठन किया जाएगा। साथ ही एक टास्क फोर्स बनाया जाएगा जो योजना की समीक्षा और नीतिगत निर्णयों से जुड़े मामलों की देखरेख करेगा। कर्मचारी और पेंशनर के साथ उनके पति-पत्नी, माता-पिता, आश्रित दो बच्चे, दत्तक बच्चे, तलाकशुदा पुत्री भी योजना में शामिल होंगे।
पंजीयन प्रक्रिया और मिलने वाली सुविधाएं
हितग्राही का पंजीयन एमपी राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम लिमिटेड (MPSEDC) के माध्यम से होगा। आश्रितों की जानकारी कार्यालय प्रमुख द्वारा अनुमोदित की जाएगी और प्रत्येक वर्ष इसका सत्यापन अनिवार्य रहेगा। पेंशनर का पंजीयन उनके पेंशनर कोड के आधार पर किया जाएगा। कार्ड में पेंशनर के पे-बैंड और विभाग का विवरण भी शामिल होगा।
बीमित कर्मचारी को ओपीडी, दवा और उपकरण के लिए प्रतिवर्ष 20 हजार रुपये की सुविधा मिलेगी। उपकरण और इम्प्लांट का व्यय CGHS पैकेज दरों के अनुसार कवर किया जाएगा।
अस्पतालों की संबद्धता और आपातकालीन प्रतिपूर्ति
आपातकालीन स्थिति में असंबद्ध अस्पतालों में भी उपचार की प्रतिपूर्ति की जाएगी। योजना में राज्य के सभी आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पताल, भारत सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े अस्पताल और राज्य के बाहर उच्च गुणवत्ता वाले चिह्नित अस्पताल शामिल होंगे।