आधार कार्ड की तरह ही PAN कार्ड भी अब हर वित्तीय लेनदेन के लिए जरूरी दस्तावेज बन चुका है। बैंक में जमा, केवाईसी, टैक्स फाइलिंग और कई अन्य वित्तीय गतिविधियों में इसका इस्तेमाल होता है। 1 अप्रैल से PAN से जुड़े कई नियम बदल रहे हैं। नए वित्तीय वर्ष और इनकम टैक्स के नियम लागू होने के साथ ही PAN नियम भी कड़े कर दिए गए हैं।आइए जानते हैं 1 अप्रैल से PAN कार्ड से जुड़ी मुख्य 6 बदलाव क्या हैं:
1. PAN बनवाने के नियम सख्त
अब PAN बनवाने के लिए सिर्फ आधार कार्ड पर्याप्त नहीं होगा। आपको एक और मूल दस्तावेज देना होगा। यह दस्तावेज आपका बर्थ सर्टिफिकेट या ड्राइविंग लाइसेंस हो सकता है। यानी एड्रेस प्रूफ के लिए एक अतिरिक्त डॉक्यूमेंट देना अनिवार्य होगा। यह बदलाव 1 अप्रैल से पूरे देश में लागू होगा।
2. बैंक ट्रांजैक्शन लिमिट में बदलाव
पहले बैंक में कैश जमा करने पर 50,000 रुपये पर PAN दिखाना अनिवार्य था। अब यह लिमिट खत्म कर दी गई है और सालाना आधार पर सीमा तय कर दी गई है। सालाना 10 लाख रुपये जमा करने पर PAN दिखाना जरूरी होगा।
3. मोटर वाहन खरीद में PAN
पहले हर वाहन खरीद पर PAN अनिवार्य था। अब यह नियम बदला गया है। 5 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य वाले वाहन (दो- या चारपहिया) खरीदने पर ही PAN देना होगा। यह नियम भी 1 अप्रैल से प्रभावी होगा।
4. प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन
पहले रजिस्ट्रेशन वैल्यू 10 लाख रुपये पर PAN अनिवार्य था। अब यह लिमिट बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। इसका असर प्रॉपर्टी खरीदारों पर पड़ेगा।
5. होटल और रेस्टोरेंट बिल
पहले 50,000 रुपये से अधिक के कैश बिल पर PAN दिखाना अनिवार्य था। अब यह लिमिट बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। इसी तरह बीमा प्रीमियम जमा करने पर भी PAN की नई लिमिट लागू होगी।
6. 2 लाख रुपये से अधिक के अन्य लेनदेन
अन्य ट्रांजैक्शन में PAN दिखाने की अनिवार्यता न होने पर भी, किसी भी लेनदेन में 2 लाख रुपये से ऊपर होने पर PAN दिखाना जरूरी होगा।