छत्तीसगढ़ में चुनावी सरगर्मी तेज होते ही सियासत अब शहरों से निकलकर सीधे गांव और बस्तियों तक पहुंचने लगी है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ा जनसंपर्क अभियान छेड़ते हुए ‘गांव/बस्ती चलो अभियान’ की घोषणा की है। इस अभियान के जरिए पार्टी के नेता सीधे जनता के बीच जाकर संवाद करेंगे। वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने इस पहल को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है।
गांव-गांव पहुंचेगी BJP, सीधे संवाद पर फोकस
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देश पर शुरू हुए इस अभियान के तहत मंत्री, सांसद और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों के गांवों और बस्तियों में जाएंगे।
इस दौरान वे लोगों से सीधे बातचीत करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और सरकार की योजनाओं व उपलब्धियों की जानकारी घर-घर तक पहुंचाएंगे। BJP का मानना है कि इस अभियान से न केवल जनता से जुड़ाव मजबूत होगा, बल्कि संगठन को भी जमीनी स्तर पर नई ऊर्जा मिलेगी।
6 से 14 अप्रैल तक चलेगा अभियान
यह जनसंपर्क अभियान 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक प्रदेशभर में चलाया जाएगा। इस दौरान पार्टी के सभी जनप्रतिनिधि सक्रिय रूप से मैदान में नजर आएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी इस अभियान को लेकर कहा कि संगठन के लोग गांव-गांव जाकर जनता से मुलाकात करेंगे और सरकार की नीतियों को समझाएंगे।
कांग्रेस ने बताया ‘फ्लॉप शो’
BJP के इस अभियान पर कांग्रेस ने सीधा हमला बोला है। पूर्व मंत्री शिव कुमार डहरिया ने कहा कि प्रदेश में किसान, महिलाएं और युवा परेशान हैं, जबकि गांवों में नशे का कारोबार बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP का यह अभियान पूरी तरह फ्लॉप साबित होगा, क्योंकि जनता अब सरकार की सच्चाई जान चुकी है।
कांग्रेस भी मैदान में, संगठन सृजन अभियान जारी
इधर कांग्रेस भी संगठन को मजबूत करने के लिए ‘संगठन सृजन अभियान’ चला रही है। प्रदेश अध्यक्ष लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं और पंचायत से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है।
सियासी मुकाबला तेज
एक तरफ BJP गांव-गांव जाकर अपनी योजनाओं का प्रचार करने की रणनीति पर काम कर रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस सरकार को घेरने में जुटी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जनता के बीच किसकी पकड़ मजबूत होती है और चुनावी मैदान में कौन बाजी मारता है।