राजधानी रायपुर की साइबर पुलिस रेंज ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी सिम बेचने वाले दो POS (पॉइंट ऑफ सेल) एजेंटों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान उमेश प्रजापति और मनोज देवांगन के रूप में हुई है। दोनों को क्रमशः मध्यप्रदेश के छतरपुर और छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ से गिरफ्तार किया गया।
न्यूड वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 7 लाख की ठगी
पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा बेचे गए सिम कार्ड का इस्तेमाल वीडियो कॉल के जरिए न्यूड वीडियो वायरल करने की धमकी देकर तेजराम पाठक से करीब 7 लाख रुपये की साइबर ठगी करने में किया गया था। इस मामले में गरियाबंद जिले के इंदागांव थाना में अपराध दर्ज है।
इसके अलावा, KBC में इनाम जीतने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने के मामले में भी रायपुर साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज है।
डबल थंब स्कैन से चालू करते थे अतिरिक्त सिम
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि सिम लेने या पोर्ट कराने आने वाले ग्राहकों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर वे डबल थंब स्कैन के जरिए KYC प्रक्रिया पूरी करते थे। इससे एक ही ग्राहक के नाम पर दो सिम कार्ड एक्टिवेट हो जाते थे।
इन्हीं अतिरिक्त सिम कार्डों का इस्तेमाल बाद में साइबर अपराधी ठगी और अन्य ऑनलाइन अपराधों में करते थे।
साइबर पुलिस की अपील
रायपुर साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज, कॉल या वीडियो कॉल पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति फर्जी वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल करने या धमकी देने की कोशिश करता है, तो तुरंत नजदीकी थाना या साइबर पुलिस से संपर्क करें।