भोपाल। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों का दो दिवसीय सम्मेलन मंगलवार को भोपाल में संपन्न हुआ। समापन सत्र में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके संबोधन के दौरान “विकसित भारत” को लेकर दिए गए बयान ने सियासी बहस को जन्म दे दिया। हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि भारत ने विकसित राष्ट्र बनने का सपना देखने में लगभग 66 साल लगा दिए, लेकिन अब देश तेजी से उस दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में रहते हुए भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
कांग्रेस का पलटवार: ‘ऐसा लगा जैसे 2014 के बाद ही जन्म हुआ’
हरिवंश के बयान पर कांग्रेस विधायक महेश परमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनका भाषण ऐसा प्रतीत होता है मानो देश का इतिहास 2014 के बाद ही शुरू हुआ हो। परमार ने सवाल उठाया कि इस तरह के मंच पर संतुलित और तथ्यात्मक बात होनी चाहिए, न कि राजनीतिक झुकाव वाली टिप्पणी।
विधानसभा अध्यक्ष का संदेश: विचारधाराओं से ऊपर उठकर संवाद जरूरी
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य अलग-अलग विचारधाराओं के विधायकों को एक मंच पर लाकर रचनात्मक चर्चा करना था। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में टेक्नोलॉजी, स्वच्छता, सोलर एनर्जी, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ। तोमर ने भावुक होते हुए छत्तीसगढ़ के गठन का जिक्र किया और कहा कि उस समय विधायकों की आंखों में आंसू थे, जो आज भी दोनों राज्यों के रिश्तों में झलकते हैं।
सीएम का फोकस: राजनीति में अनुशासन और विनम्रता जरूरी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले दिन कहा था कि जनप्रतिनिधियों को जनता से जुड़े रहने के लिए विनम्रता बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने “2047 के विकसित भारत” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदार राजनीति की जरूरत बताई।
छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा भी गरमाया
युवा विधायक सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपनी बात रखते हुए छात्र संघ चुनाव कराने की मांग की । उन्होंने कहा- हमारे यहां छात्र संघ चुनाव बंद हो गए। नेतृत्व की शुरुआत कॉलेज से होती है। कॉलेज के समय युवाओं के अंदर आग होती है सिस्टम से लड़ने की। वहां से शुरुआत होती है सोचविचार की और सिस्टम से लड़ने की। लोकतंत्र की जड़ें तभी मजबूत होंगी, जब इस देश में डेमोक्रेसी मजबूत रहेगी।
महाकाल दर्शन के साथ समापन
सम्मेलन के बाद सभी विधायक उज्जैन गए,जहां उन्होने भगवान महाकाल के दर्शन किए। और महाकाल लोक का भ्रमण किया,इस दो दिवसीय आयोजन में मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 50 से अधिक युवा विधायक जिनकी उम्र 45 साल से कम है,उन्होने शिरकत की। उन्होंने इसे विचारों के आदान-प्रदान, नई ऊर्जा, सुशासन और जनहित के मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने का एक सशक्त मंच बताया,जो 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के लिए प्रेरणादायक रहा।