इंडोनेशिया में एक बार फिर ज्वालामुखी की गतिविधि ने चिंता बढ़ा दी है। सुंडा जलडमरूमध्य में स्थित Anak Krakatau ज्वालामुखी में रविवार तड़के जोरदार विस्फोट हुआ। इसके बाद आसमान में राख का विशाल गुबार फैल गया। ज्वालामुखीय राख करीब 50 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद हवाई यातायात प्रभावित हुआ और जकार्ता के प्रमुख Soekarno-Hatta International Airport पर उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
जकार्ता एयरपोर्ट पर उड़ानों पर लगा ब्रेक
ज्वालामुखी से निकली राख के हवाई मार्गों में फैलने के कारण Soekarno-Hatta International Airport पर उड़ान संचालन को कुछ समय के लिए निलंबित किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटनाक्रम से करीब 209 उड़ानें प्रभावित हुईं, जिनमें घरेलू के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शामिल हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट पर अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी लेने और एयरलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई।
दो दिशाओं में फैली ज्वालामुखीय राख
इंडोनेशिया की मौसम एजेंसी BMKG के मुताबिक, उपग्रह तस्वीरों में राख के दो अलग-अलग गुबार दिखाई दिए। इनमें से एक करीब 20 हजार फीट की ऊंचाई तक गया और पूर्वोत्तर दिशा में बढ़ा, जबकि दूसरा गुबार लगभग 50 हजार फीट तक पहुंचा और पश्चिम तथा उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा। इसके चलते जकार्ता, बैंटन, पश्चिमी जावा, लैम्पुंग और आसपास के समुद्री इलाकों में असर देखा गया।
सिर्फ जकार्ता ही नहीं, दूसरी उड़ानें भी प्रभावित
ज्वालामुखीय राख के कारण इंडोनेशिया के अन्य हवाई मार्गों पर भी असर पड़ा है। लैम्पुंग से जकार्ता के बीच कई उड़ानें रद्द की गईं, जबकि मकास्सर और जकार्ता के बीच भी कई फ्लाइट्स रद्द और कुछ में देरी हुई। अधिकारियों के अनुसार, विमानों की सुरक्षा को देखते हुए उड़ानों में बदलाव किए जा रहे हैं।
स्कूल और मछली पकड़ने की गतिविधियां भी प्रभावित
ज्वालामुखीय राख का असर सिर्फ विमान सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। कुछ इलाकों में स्कूल गतिविधियों को रद्द किया गया, जबकि राख के संपर्क में आने से लोगों ने आंखों में जलन की शिकायत की। स्थानीय मछुआरों ने भी एहतियात के तौर पर समुद्र में जाने से परहेज किया। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
प्रशासन ने जारी की सावधानी बरतने की अपील
इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने को कहा है। राख गिरने वाले इलाकों में लोगों को मास्क और आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे का इस्तेमाल करने, खुले में गतिविधियां कम करने और पानी के स्रोतों को ढककर रखने की सलाह दी गई है। राख के कारण सड़क पर दृश्यता कम हो सकती है, इसलिए वाहन चलाते समय भी सावधानी बरतने को कहा गया है।
फिलहाल सुनामी का तत्काल खतरा नहीं
Anak Krakatau की पुरानी घटनाओं को देखते हुए सुनामी की आशंका को लेकर भी चिंता पैदा हुई थी। हालांकि, अधिकारियों ने फिलहाल तत्काल सुनामी खतरे से इनकार किया है। साल 2018 में इसी ज्वालामुखी की गतिविधि के बाद सुनामी आई थी, जिसमें जावा और सुमात्रा द्वीपों पर बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। इसलिए मौजूदा गतिविधि पर अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है Anak Krakatau?
Anak Krakatau सुंडा जलडमरूमध्य में जावा और सुमात्रा के बीच स्थित है। यह प्रशांत महासागर के 'Ring of Fire' क्षेत्र का हिस्सा है, जहां लगातार भूगर्भीय और ज्वालामुखीय गतिविधियां होती रहती हैं। मौजूदा स्थिति में अधिकारियों का मुख्य फोकस ज्वालामुखी की गतिविधि, राख के फैलाव और उससे प्रभावित हवाई मार्गों की निगरानी पर है।