न्यूयार्क. संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भाषण देने पहुंचे तो कई देशों के प्रतिनिधि विरोध में अपनी सीट छोड़कर बाहर चले गए। नेतन्याहू ने उन्हें कायर कहा। इसके बाद उन्होंने मंच पर एक छोटी सी मशीन यानी पेजर हाथ में उठाया और पूछा कि क्या आपको बीपर याद हैं। फिर बोले कि हिज्बुल्लाह को तो ये जरूर याद होंगे। पेजर एक छोटा वायरलेस डिवाइस होता है जिस पर किसी व्यक्ति को छोटा मैसेज या कॉल-बैक का सिग्नल भेजा जा सकता है। मोबाइल फोन से पहले इसका इस्तेमाल डॉक्टर, पुलिस और जरूरी काम करने वाले लोगों से तुरंत संपर्क करने के लिए होता था। नेतन्याहू का उद्देश्य 2024 की घटनाओं की याद दिलाना था।
भाषण के दौरान विरोध और प्रतिक्रिया
दुनिया भर में अलग-थलग पड़ते जा रहे बेंजामिन नेतन्याहू जब यूएन महासभा में अपना पक्ष रख रहे थे तो वहां ज्यादातर सीटें खाली थीं। भाषण के बीच भी इजरायल की कार्रवाइयों के बारे में नेतन्याहू की बातों का विरोध हुआ। दुनिया भर के दर्जनों राजनयिकों ने उनके भाषण के दौरान हूटिंग की और विरोध जताते हुए वहां से चले गए। इसके बाद नेतन्याहू ने पेजर लहराया और हिज्बुल्लाह का नाम लिया। जुबां पर नाम सिर्फ हिज्बुल्लाह का था लेकिन कई पर्यवेक्षकों ने इसे व्यापक संदेश के रूप में देखा। मंच पर हुई इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया।
2024 की घटना का संदर्भ
17 सितंबर 2024 को बेरूत के दक्षिणी इलाकों और हिज्बुल्लाह के दूसरे गढ़ों में एक साथ हजारों पेजर में धमाके हुए। ज्यादातर मामलों में धमाके से पहले डिवाइस से बीप की आवाज आई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल ले जाए गए कई लोगों को चोटें आईं। कुल मिलाकर पेजर हमले और अगले दिन हुए दूसरे हमले में 39 लोग मारे गए और 3400 से ज्यादा घायल हो गए। इस घटना ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया था। नेतन्याहू ने यूएन मंच पर उसी घटना की याद दिलाई।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और संदर्भ
नेतन्याहू के इस प्रदर्शन को कई देशों ने आक्रामक और उत्तेजक माना। खाली सीटें और प्रतिनिधियों का बाहर जाना इजरायल के प्रति बढ़ते अंतरराष्ट्रीय असंतोष को दर्शाता है। यूएन महासभा जैसे मंच पर इस तरह का प्रतीकात्मक प्रदर्शन कूटनीतिक तनाव बढ़ा सकता है। इजरायल अपनी सुरक्षा चिंताओं का हवाला देता रहा है जबकि आलोचक इसकी कार्रवाइयों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर मध्य पूर्व संघर्ष के जटिल आयामों को रेखांकित किया।
आगे की कूटनीतिक स्थिति
नेतन्याहू के भाषण और पेजर प्रदर्शन के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा तेज हो गई है। कई देश शांति प्रयासों और संयम की अपील कर रहे हैं। यूएन महासभा में खाली सीटें और विरोध प्रदर्शन इजरायल की कूटनीतिक स्थिति को चुनौतीपूर्ण बनाते हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा और मानवीय मुद्दों पर वैश्विक ध्यान केंद्रित है। दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं लेकिन तत्काल समाधान की संभावना कम दिख रही है। इस घटना ने कूटनीतिक संवाद की जरूरत को और रेखांकित किया है।