उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के तहत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 29 किलोमीटर घाट निर्माण और कान्ह डायवर्जन क्लोज डक्ट परियोजना का जायजा लिया। दोनों नेताओं ने परियोजना की टनल में उतरकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली।
अधिकारियों के साथ की समीक्षा, गुणवत्ता पर दिया जोर
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
शिप्रा नदी को स्वच्छ बनाए रखने के लिए बनाई जा रही है परियोजना
कान्ह डायवर्जन क्लोज डक्ट परियोजना का मुख्य उद्देश्य शिप्रा नदी के जल को स्वच्छ और पवित्र बनाए रखना है। इसके तहत कान्ह नदी के दूषित जल को शहर के प्रमुख घाटों और तीर्थस्थलों के पास शिप्रा नदी में मिलने से रोकने के लिए 919.94 करोड़ रुपये की लागत से विशेष टनल का निर्माण किया जा रहा है।
30.15 किलोमीटर लंबी है परियोजना
परियोजना की कुल लंबाई 30.15 किलोमीटर है, जिसमें 18.15 किलोमीटर कट-एंड-कवर डक्ट और 12 किलोमीटर लंबी टनल शामिल है। टनल के रखरखाव और सफाई के लिए चार शाफ्ट भी बनाए गए हैं। डक्ट का डी-आकार का क्रॉस सेक्शन अधिकतम 40 क्यूमेक्स दूषित जल निकासी की क्षमता रखता है।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया डिजाइन
परियोजना को आगामी 25 वर्षों में बढ़ने वाली जनसंख्या और जल निकासी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इसके पूरा होने के बाद शिप्रा नदी के प्रदूषण को नियंत्रित करने और सिंहस्थ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।