परभणी। महाराष्ट्र के परभणी जिले के मानवत तालुका स्थित यशवाड़ी देवस्थान में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। हनुमान मंदिर के गर्भगृह के सामने निर्माणाधीन सभामंडप की छत अचानक ढह गई, जिससे मलबे में 20 से 25 श्रद्धालुओं के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं तथा राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
मलबे में फंसे श्रद्धालुओं को निकालने का प्रयास
हादसे के तुरंत बाद बचाव दल और स्थानीय लोग राहत कार्य में जुट गए। प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य मलबे में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके लिए भारी मशीनों और अन्य संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। पूरे जिले का प्रशासन घटनास्थल पर राहत कार्य की निगरानी कर रहा है।
घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
घटना में घायल हुए श्रद्धालुओं को उपचार के लिए परभणी जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ लोगों की मौत की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक मृतकों और घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुआ प्रशासन
हादसे की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारी और स्थानीय एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय नागरिकों की मदद से मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए कई एंबुलेंस तैनात की गई हैं और चिकित्सा दल को भी अलर्ट पर रखा गया है।
मंत्री और जनप्रतिनिधियों ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश
घटना के बाद मंत्री मेघना बोरदिकर ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया। उन्होंने राहत सामग्री और क्रेन सहित आवश्यक संसाधन तत्काल घटनास्थल पर भेजने के निर्देश दिए। वहीं, एनसीपी विधायक राजेश विटेकर और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से बचाव कार्य में तेजी लाने को कहा है।
फिलहाल प्रशासन की पूरी प्राथमिकता मलबे में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस और बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।