भोपाल. लाडली बहना योजना खत्म होने की चर्चाओं के बीच मध्य प्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शारदीय नवरात्रों के बीच मोहन सरकार बहनों का इंतजार खत्म करने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव उमरिया जिले से 14 अक्टूबर बुधवार को लाडली बहना योजना की 41वीं किस्त जारी कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री 14 अक्टूबर को उमरिया दौरे पर रहेंगे और इस दौरान सिंगल क्लिक से लाडली बहनों के खातों में राशि ट्रांसफर कर सकते हैं। अक्टूबर में नवरात्रि के पावन अवसर पर यह किस्त महिलाओं के लिए विशेष उपहार साबित होगी।
पिछली किस्त और जारी प्रक्रिया
योजना की 40वीं किस्त 13 सितंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगर मालवा से ट्रांसफर की थी। अब अक्टूबर में नवरात्रि के बीच 41वीं किस्त जारी होने की संभावना जताई जा रही है। सरकार लाडली बहना योजना के तहत हर महीने 1500 रुपये की सहायता राशि जारी करती है। योजना की शुरुआत 1000 रुपये मासिक से हुई थी जिसे बाद में बढ़ाकर 1250 रुपये किया गया और नवंबर 2025 से इसे 1500 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। नियमित अंतराल पर किस्त जारी होने से लाभार्थियों के बीच विश्वास बना हुआ है।
योजना बंद होने की अफवाह का खंडन
हाल ही में लाडली बहना योजना बंद होने की अफवाह फैली थी। इसकी वजह मुख्यमंत्री मोहन यादव का एक बयान बताया जा रहा है जिसमें उन्होंने योजना को खर्चीला बताया था। इस बयान के बाद योजना के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे थे। लेकिन सूत्रों के हवाले से स्पष्ट हुआ है कि सरकार इस योजना को बंद नहीं करेगी। बल्कि 14 अक्टूबर बुधवार को 41वीं किस्त महिलाओं के खातों में आने की तैयारी है। अफवाहों के बीच यह अपडेट लाभार्थियों के लिए राहत लेकर आया है।
लाभार्थियों की संख्या और महत्व
मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना से लगभग 1.25 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। यह योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है। मासिक सहायता राशि से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। नवरात्रि जैसे पर्व के दौरान किस्त जारी होना महिलाओं के लिए अतिरिक्त खुशी का कारण बनेगा। सरकार की प्राथमिकता योजना को जारी रखते हुए लाभार्थियों तक समय पर राशि पहुंचाना है।
उमरिया से जारी होने की संभावना
मुख्यमंत्री मोहन यादव के 14 अक्टूबर को उमरिया दौरे के दौरान सिंगल क्लिक से किस्त जारी करने की तैयारी बताई जा रही है। इससे पहले भी विभिन्न जिलों से किस्त ट्रांसफर का सिलसिला रहा है। उमरिया से यह किस्त जारी होना क्षेत्रीय संतुलन और योजना की व्यापक पहुंच को दर्शाता है। लाभार्थी महिलाओं को अपने बैंक खातों में राशि आने की प्रतीक्षा है। आधिकारिक घोषणा के बाद प्रक्रिया पूरी होने पर 1.25 करोड़ बहनों के चेहरे खिल उठेंगे।