अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के आयोजन से पूर्व मध्य प्रदेश सरकार ने व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों के नाम जारी विशेष संदेश में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, अनुशासित और सकारात्मक बनाने की एक संपूर्ण पद्धति है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती जीवनशैली संबंधी चुनौतियों और मानसिक तनाव के बीच योग का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। स्वस्थ नागरिक ही समृद्ध समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला होते हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
14 जून को होगा विशेष ऑनलाइन योग सत्र
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के काउंटडाउन कार्यक्रम के अंतर्गत आयुष मंत्रालय द्वारा 14 जून को विशेष ऑनलाइन योग सत्र आयोजित किया जा रहा है। यह सत्र प्रातः 6:30 बजे से 7:35 बजे तक चलेगा, जिसमें देशभर के नागरिक अपने घरों से जुड़कर सहभागिता कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लोगों को योग के प्रति प्रेरित करने का एक व्यापक प्रयास है। डिजिटल माध्यम से आयोजित होने वाला यह सत्र समाज के प्रत्येक वर्ग तक योग का संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और लोगों को नियमित योग अभ्यास के लिए प्रोत्साहित करेगा।
पंजीयन प्रक्रिया को बनाया गया सरल और सुलभ
अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंजीयन प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इच्छुक नागरिक निर्धारित टोल-फ्री नंबर 18003157008 पर मिस कॉल देकर आसानी से अपना पंजीयन करा सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को समान रूप से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि जब आम नागरिक बिना किसी जटिल प्रक्रिया के कार्यक्रमों से जुड़ पाएंगे, तब ऐसे जनस्वास्थ्य अभियानों का प्रभाव और अधिक व्यापक होगा।
भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है योग
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि योग भारत की हजारों वर्ष पुरानी ज्ञान परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की राह दिखाई है। आज जब आधुनिक जीवनशैली अनेक स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे रही है, तब योग शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि योग केवल रोगों से बचाव का साधन नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच, मानसिक शांति और आंतरिक ऊर्जा प्राप्त करने का भी मार्ग है। यही कारण है कि इसकी स्वीकार्यता विश्वभर में लगातार बढ़ रही है।
वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक पहचान बना योग
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में योग ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्राप्त की है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज केवल भारत का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विश्वव्यापी जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। दुनिया के अनेक देशों में लाखों लोग योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना रहे हैं। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान की वैश्विक स्वीकृति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि योग ने विश्व समुदाय को स्वास्थ्य, शांति और मानवीय एकता का संदेश दिया है।
युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, शासकीय कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता के बिना किसी भी जनआंदोलन को सफल नहीं बनाया जा सकता। युवाओं के माध्यम से योग का संदेश नई पीढ़ी तक पहुंच सकता है, जबकि सामाजिक संस्थाएं इसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। व्यापक भागीदारी से ही स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण संभव होगा।
‘योग को आयोजन नहीं, जीवनशैली बनाएं’
डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश के अंत में कहा कि योग को केवल एक दिन के उत्सव या औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए। यदि इसे नियमित रूप से जीवन का हिस्सा बनाया जाए तो व्यक्ति शारीरिक रूप से अधिक सक्षम, मानसिक रूप से अधिक संतुलित और भावनात्मक रूप से अधिक मजबूत बन सकता है। उन्होंने ‘घर-घर योग’ के संकल्प के साथ प्रदेशवासियों से स्वस्थ मध्य प्रदेश और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उनका मानना है कि जब योग प्रत्येक परिवार की दिनचर्या का हिस्सा बनेगा, तभी स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर समाज का सपना साकार हो सकेगा।