भोपाल: मध्यप्रदेश में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी टेंडर हासिल करने का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की सागर इकाई ने जांच के बाद दमोह के ठेकेदार लखन लाल कुर्मी और उनकी फर्म जय मां अम्बे कंस्ट्रक्शन के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। आरोप है कि ठेकेदार ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के नाम से कूटरचित अनुभव प्रमाण पत्र तैयार कर उसका इस्तेमाल निवाड़ी जिले में विभाग के दो टेंडर हासिल करने के लिए किया। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद EOW ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
शिकायत के बाद EOW ने की जांच
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ सागर में दमोह जिले के आवेदक रोहित बरोलिया द्वारा शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ठेकेदार लखन प्रसाद कुर्मी ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार कर सरकारी टेंडर प्राप्त करने में उसका उपयोग किया है।शिकायत मिलने के बाद EOW ने मामले की जांच की। जांच में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर टेंडर हासिल करने के तथ्य सामने आए।
छतरपुर PHE विभाग के नाम से बनाया फर्जी प्रमाण पत्र
जांच के अनुसार, ठेकेदार लखन प्रसाद कुर्मी, जो जय मां अम्बे कंस्ट्रक्शन सीतानगर दमोह के प्रोपराइटर हैं, ने कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खंड छतरपुर के नाम से कथित कूटरचित अनुभव प्रमाण पत्र तैयार किया था।इस प्रमाण पत्र में हैंडपंप की गिरी और फंसी पाइपलाइन निकालने के कार्य का अनुभव दर्शाया गया था। आरोप है कि इस फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल वास्तविक अनुभव के प्रमाण के रूप में किया गया।
निवाड़ी में दो सरकारी टेंडर हासिल करने का आरोप
EOW की जांच में सामने आया कि कथित कूटरचित अनुभव प्रमाण पत्र का उपयोग लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खंड निवाड़ी के दो टेंडर प्राप्त करने के लिए किया गया।इस तरह फर्जी दस्तावेज के आधार पर सरकारी टेंडर हासिल कर शासन के साथ धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद संबंधित ठेकेदार और फर्म के खिलाफ कार्रवाई की गई।
ठेकेदार और फर्म के खिलाफ BNS की धाराओं में केस दर्ज
लखन लाल कुर्मी – पिता भगवान दास कुर्मी, निवासी ग्राम सीतानगर, जिला दमोह
जय मां अम्बे कंस्ट्रक्शन – सीतानगर, जिला दमोह
दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 336(2) और 340(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
विवेचना जारी, अन्य लोगों पर भी हो सकती है कार्रवाई
EOW ने अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, विवेचना के दौरान यदि अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की जांच जारी है और मामले से जुड़े दस्तावेजों एवं अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।