जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और अदालतों के बाहर होने वाली अवैध पार्किंग की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कई अहम निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने कहा कि जब तक प्रस्तावित मल्टी-लेवल पार्किंग का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक अंतरिम व्यवस्था के तहत विशेष यातायात प्रबंधन लागू किया जाए।
अधिकारियों और वकीलों के लिए ‘पिक एंड ड्रॉप’ सिस्टम
हाईकोर्ट ने ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए ‘पिक एंड ड्रॉप’ सिस्टम को प्रभावी बनाने पर जोर दिया है। अदालत ने निर्देश दिए हैं कि एडवोकेट जनरल राज्य सरकार के सभी विभागों को एडवाइजरी जारी करें, ताकि कोर्ट आने वाले अधिकारी इस व्यवस्था का पालन करें। इसी तरह असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल केंद्र सरकार के अधिकारियों के लिए भी आवश्यक निर्देश जारी करेंगे। कोर्ट ने उन वकीलों से भी ‘पिक एंड ड्रॉप’ व्यवस्था अपनाने को कहा है, जिनके पास निजी ड्राइवर उपलब्ध हैं। साथ ही पार्किंग की समस्या को कम करने के लिए वकीलों से कार-पूलिंग अपनाने की अपील भी की गई है।
सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक वन-वे रहेगा मार्ग
यातायात को व्यवस्थित करने के लिए हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि कलेक्टर कार्यालय चौराहे से तहसील चौराहे तक की सड़क को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक पूरी तरह वन-वे रखा जाए। इसके अलावा हाईकोर्ट और जिला न्यायालय के सामने ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को भी कहा गया है, ताकि अदालत परिसर के आसपास यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके।
फ्लाईओवर निर्माण की मांग पर 20 जुलाई को सुनवाई
मामले में दायर जनहित याचिका में अदालत के सामने से गुजरने वाली मुख्य सड़क पर फ्लाईओवर निर्माण की मांग भी की गई है। इस संबंध में पहले से दो याचिकाएं लंबित हैं। हाईकोर्ट ने फ्लाईओवर निर्माण के मुद्दे पर अगली सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तारीख तय की है।
ट्रैफिक समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम
हाईकोर्ट के इन निर्देशों को शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या और अदालत परिसर के आसपास अव्यवस्थित पार्किंग के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन से अपेक्षा की गई है कि वह अदालत के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करे, ताकि आम लोगों, वकीलों और अधिकारियों को राहत मिल सके।