मध्यप्रदेश में मानसून की दस्तक को लेकर लोगों का इंतजार अभी और बढ़ सकता है। 12 जून तक दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। वहीं अगले दो से तीन दिनों में इसके कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और झारखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है। हालांकि फिलहाल मध्यप्रदेश मानसून की सक्रिय सीमा से काफी दूर बना हुआ है।
अभी प्रदेश में मानसून प्रवेश के संकेत नहीं
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मध्यप्रदेश में मानसून के प्रवेश की संभावना नहीं दिख रही है। मानसून की रफ्तार आगे चलने वाली अनुकूल हवाओं और नए मौसमीय तंत्रों के विकास पर निर्भर करेगी। इन परिस्थितियों के बनने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रदेश में मानसून कब प्रवेश करेगा।
पिछले साल की तुलना में धीमी है मानसून की चाल
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्ष 2025 में मानसून 14 जून तक मध्य प्रदेश में पहुंच गया था और 19 जून के आसपास प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका था। लेकिन इस वर्ष मानसून की गति अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए 15 जून तक मानसून के प्रदेश में पहुंचने की संभावना कम नजर आ रही है। आगामी दिनों में मौसमीय परिस्थितियों के अनुसार मानसून की एंट्री की संभावित तारीख तय हो सकेगी।
सक्रिय मौसमीय सिस्टम पर टिकी नजर
फिलहाल मध्य पाकिस्तान के आसपास एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। वहीं मानसून ट्रफ उत्तर मध्य प्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इन सिस्टम्स की मजबूती और हवाओं की दिशा एवं गति ही मानसून की आगे की प्रगति तय करेगी।
13 जून को कई जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 13 जून को ग्वालियर-चंबल संभाग, नीमच, रीवा और सागर संभाग के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज होने की संभावना जताई गई है। हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में लोगों को अभी कुछ दिन और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।