भोपाल. मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की संभावनाए अब मजबूत होती दिखाई दे रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार 15 से 18 जून के बीच मानसून प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। पिछले कुछ दिनों से लगातार सक्रिय प्री-मानसून गतिविधियों के कारण मौसम में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। कई क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की बढ़ती रफ्तार और अनुकूल वातावरणीय परिस्थितियां मध्य प्रदेश में समय पर वर्षा की संभावनाओं को मजबूत कर रही हैं।
प्री-मानसून गतिविधियों ने गर्मी से दिलाई राहत
पिछले तीन से चार दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया है। जहां कुछ सप्ताह पहले तक भीषण गर्मी और लू जैसी परिस्थितियां बनी हुई थीं, वहीं अब बादलों और बारिश ने लोगों को राहत पहुंचाई है। दिन के तापमान में कमी आने से वातावरण अपेक्षाकृत सुहावना हुआ है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून से पहले होने वाली यह वर्षा खरीफ फसलों की तैयारी के लिए भी लाभदायक साबित हो सकती है। इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और किसानों को बुवाई की तैयारियों में सहायता मिलेगी।
कई जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों, बिजली लाइनों और अस्थायी संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका भी व्यक्त की गई है। विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले क्षेत्रों में जाने से बचने और सतर्कता बरतने की अपील की है।
राजधानी सहित अनेक जिलों में भी सक्रिय रहेगा मौसम
भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित अनेक जिलों में भी गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदल सकता है और कुछ स्थानों पर अल्प अवधि की तेज वर्षा भी देखने को मिल सकती है।
पश्चिमी और मालवा क्षेत्र में अभी जारी रह सकती है गर्मी
प्रदेश के सभी हिस्सों को फिलहाल समान राहत मिलने की संभावना नहीं दिखाई दे रही है। इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर जैसे जिलों में अभी भी तेज धूप और अपेक्षाकृत गर्म मौसम बने रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में मानसून के प्रभाव को पहुंचने में कुछ और समय लग सकता है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे-जैसे मानसून आगे बढ़ेगा, इन जिलों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
किसानों और आमजन की उम्मीदें मानसून से जुड़ीं
मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है और ऐसे में मानसून का आगमन किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पर्याप्त और समय पर वर्षा खरीफ फसलों की बुवाई तथा उत्पादन को सीधे प्रभावित करती है। इस वर्ष मानसून की संभावित समय पर दस्तक ने किसानों की उम्मीदों को मजबूत किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान मौसम की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और बुवाई की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।
अगले कुछ दिन रहेंगे बेहद महत्वपूर्ण
मौसम विभाग के अनुसार आगामी कुछ दिन मध्य प्रदेश के मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। मानसून के प्रवेश, प्री-मानसून गतिविधियों की तीव्रता और वर्षा के वितरण को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहती हैं तो प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में जल्द ही व्यापक वर्षा गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों और सलाहों का पालन करने की आवश्यकता है ताकि संभावित मौसम संबंधी जोखिमों से बचा जा सके।