मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान साईंखेड़ा से गोटेगांव तक निकाली गई शौर्य यात्रा का समापन ऐतिहासिक माहौल के बीच हुआ। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने महाराणा प्रताप के शौर्य स्तंभ और प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने राजपूत समाज के गौरव और महाराणा प्रताप के अदम्य साहस का उल्लेख करते हुए एक खास बात कही, जो चर्चा का विषय बन गई।
साईंखेड़ा से गोटेगांव तक निकली भव्य शौर्य यात्रा
महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में क्षत्रिय राजपूत समाज द्वारा साईंखेड़ा से गोटेगांव तक विशाल शौर्य यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में समाज के लोगों और नागरिकों ने हिस्सा लिया। गोटेगांव में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इसके साथ ही इस मार्ग का नाम अब "महाराणा प्रताप चौक" रखा गया है।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने किया प्रतिमा का अनावरण
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया और कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक नाम नहीं, बल्कि त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप को कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।
बोले- राजपूत कभी राजा नहीं, राणा लिखते हैं
अपने संबोधन के दौरान मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा- "राजपूत समाज के गौरव महाराणा प्रताप को कभी भुलाया नहीं जाएगा। यही उनकी विरासत की पहचान है कि आज भी कोई राजपूत राजा नहीं, बल्कि राणा लिखता है।" उनका यह बयान कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
हजारों लोगों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष रामस्नेही पाठक, विधायक महेंद्र नागेश, इंद्रभूषण राजपूत, द्वारका राजपूत, राजेश राजपूत समेत बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु और नागरिक मौजूद रहे। महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों लोगों की भागीदारी देखने को मिली।