भोपाल। मध्यप्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से 14 जून को राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में ‘समृद्ध एमएसएमई–विकसित मध्यप्रदेश’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विभिन्न जिलों के एमएसएमई उद्यमियों, स्टार्टअप्स और अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे।
उद्यमियों और युवाओं को मिलेंगे कई लाभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री उद्यमियों को भू-आवंटन पत्र प्रदान करेंगे। साथ ही स्टार्टअप नीति के तहत स्वीकृत विभिन्न लाभों का वितरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के पात्र युवाओं को भी हितलाभ प्रदान किए जाएंगे। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप भी मौजूद रहेंगे।
मुख्यमंत्री करेंगे उद्यमियों से सीधा संवाद
कार्यक्रम की विशेषता यह होगी कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए एमएसएमई उद्यमियों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों से सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान उद्यमी अपने अनुभव साझा करेंगे और राज्य सरकार की नीतियों एवं योजनाओं के प्रभाव के बारे में जानकारी देंगे। साथ ही उद्यमिता को और अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी प्रस्तुत करेंगे।
निवेश और रोजगार सृजन पर होगा विशेष फोकस
कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप प्रदेश में औद्योगिक निवेश, उद्यमिता संवर्धन और रोजगार सृजन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देंगे। वहीं प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेंद्र सिंह विभाग की उपलब्धियों, योजनाओं और भावी कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुति देंगे।
एमएसएमई और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगी नई ऊर्जा
‘समृद्ध एमएसएमई–विकसित मध्यप्रदेश’ थीम पर आधारित यह कार्यक्रम प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और नवाचार आधारित औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर उद्योगों की स्थापना और स्वरोजगार को बढ़ावा देकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
युवाओं और महिलाओं को मिल रहे नए अवसर
राज्य सरकार की नई औद्योगिक और निवेशोन्मुखी नीतियों के चलते प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के विस्तार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। इससे युवाओं, महिलाओं और प्रथम पीढ़ी के उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने और आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिल रहे हैं।
बड़ी संख्या में शामिल होंगे उद्योग जगत के प्रतिनिधि
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि, बैंकिंग संस्थानों के पदाधिकारी, निवेशक, स्टार्टअप संस्थापक, युवा उद्यमी और प्रदेशभर से आए हितग्राही भाग लेंगे।
आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
सरकार का उद्देश्य केवल उद्योगों की स्थापना तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार मांगने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनाना है। नवाचार, कौशल और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।