उज्जैन जिले के बड़नगर में मोहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाई गई वैन में हुए धमाके का मामला अब सिर्फ स्थानीय पुलिस तक सीमित नहीं रहा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) भी जांच में शामिल हो गई है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह केवल पटाखों का प्रदर्शन था या इसके पीछे कोई और मकसद छिपा था।
मोहर्रम जुलूस में आखिर क्या हुआ?
23 जून की रात बड़नगर के अडान मोहल्ले में मोहर्रम जुलूस निकाला जा रहा था। इस दौरान एक पुरानी वैन को क्रेन की मदद से लगभग 40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाया गया। वैन की छत पर दो युवक लाल झंडे लहरा रहे थे। वाहन पर बड़े अक्षरों में "ले, फिर आ गए" लिखा हुआ था। जुलूस में शामिल कई लोगों के हाथों में भी इसी संदेश वाली तख्तियां थीं। कुछ ही देर बाद वैन के अंदर जोरदार धमाका हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
ATS किन तीन सवालों के जवाब तलाश रही है?
सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल तीन प्रमुख बिंदुओं पर जांच कर रही हैं—
| ATS के प्रमुख सवाल | जांच का फोकस |
|---|---|
| 1. धमाके का असली उद्देश्य क्या था? | केवल प्रदर्शन या कोई बड़ी साजिश |
| 2. "ले, फिर आ गए" संदेश का क्या मतलब था? | संदेश के पीछे की मंशा |
| 3. धमाके में इस्तेमाल सामग्री क्या थी? | केवल पटाखे या अन्य विस्फोटक |
इसके अलावा जुलूस में लहराए गए लाल झंडों की भी जांच की जा रही है।
अब तक कितनी कार्रवाई हुई?
पुलिस ने मामले में अब तक 13 आरोपियों की पहचान की है।
4 आरोपी गिरफ्तार
क्रेन ऑपरेटर भी हिरासत में
क्रेन मालिक समेत कई आरोपी फरार
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार शोएब ने जुलूस का आयोजन किया था और उसी ने कबाड़ में रखी वैन को क्रेन से लटकाने की व्यवस्था की थी।
फॉरेंसिक जांच में क्या मिला?
शुक्रवार को एफएसएल और बम निरोधक दस्ते (BDS) ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए।
प्रारंभिक जांच में-
वैन के अंदर जले हुए पटाखों के अवशेष मिले।
वायरिंग भी बरामद हुई।
आरोपियों ने दावा किया कि करीब 8 हजार रुपये के पटाखे लगाए गए थे।
खरीद का बिल भी पुलिस को सौंपा गया है।
हालांकि अंतिम निष्कर्ष फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
संवेदनशील इलाकों पर भी नजर
जांच एजेंसियां इस मामले को इसलिए भी गंभीरता से ले रही हैं क्योंकि उज्जैन जिले के उन्हेल, नागदा, खाचरौद और महिदपुर पहले से संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं।
एसपी ने क्या कहा?
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक बड़नगर में अडान और शरजील अखाड़ों के बीच लंबे समय से प्रतिस्पर्धा रहती है। दोनों अखाड़े एक-दूसरे को अलग-अलग संदेशों के जरिए जवाब देते रहे हैं। शुरुआती जांच में यह घटना उसी प्रतिस्पर्धा का हिस्सा प्रतीत होती है, लेकिन सभी पहलुओं की गहराई से जांच जारी है।