अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त फाइनल हो गया है। दरअसल, प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकेंड का शुभ अभिजीत मुहूर्त है। प्राण प्रतिष्ठा पौष शुक्ल कूर्म द्वादशी, विक्रम संवत 2080, सोमवार, 22 जनवरी 2024 को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से 1 बजे के बीच की जाएगी। वहीं वैदिक पुजारियों से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, अब 22 जनवरी को ठीक साढ़े 12 बजे राम मंदिर गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को दोपहर 12.20 बजे शुरू होगा। 1 बजे तक इसका समापन कर दिया जाएगा। 11 पुजारी सभी देवी-देवताओं का आह्वान करते हुए अनुष्ठान कर रहे हैं।
प्राण प्रतिष्ठा से पहले 6 दिनों का अनुष्ठान चल रहा
22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा से पहले 6 दिनों का अनुष्ठान चल रहा है। अनुष्ठान के तीसरे दिन गुरुवार को रामलला की अचल प्रतिमा को उनके स्वर्णजड़ित सिंहासन पर स्थापित किया जाएगा। साथ ही अधिवास, जलाधिवास और गंधाधिवास प्रक्रिया भी पूर्ण की जाएगी। इससे पहले बुधवार को मंदिर के गर्भगृह के सिंहासन की पूजा अर्चना की गई थी, साथ ही राम रक्षा मंत्र को स्थापित किया गया था।
सरयू से जल लेकर जाय जाएगा
आज गुरुवार को जल यात्रा भी होगी, इसमें सरयू से जल लेकर जाय जाएगा। इसके बाद अधिवास आयोजित होगा। अधिवास में मूर्ति को विभिन्न सामग्रियों में कुछ समय तक के लिए रखा जाता है। कहा जाता है कि मूर्ति पर शिल्पकार के औजारों से आई चोट अधिवास से ठीक हो जाती है और तमाम दोष भी खत्म हो जाते हैं।
जलाधिवास और गंधाधिवास होगा
अनुष्ठान के तीसरे दिन शाम को रामलला अपने सिंहासन पर स्थापित होंगे। इसके बाद जलाधिवास और गंधाधिवास होगा। जलाधिवास के तहत रामलला की अचल प्रतिमा को सरयू के जल से स्नान कराया जाएगा। इसके बाद गंधाधिवास के तहत भगवान की प्रतिमा को सुगंधित दर्व्यों के लेपन के साथ वास कराया जाएगा।
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