दिल्ली। किसानों द्वारा निकाला जा रहा दिल्ली चलो मार्च फिलहाल होल्ड पर है। बुधवार को एक प्रदर्शनकारी किसान जिसका नाम शुभकरण सिंह बताया जा रहा है, की मौत के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। किसान नेताओं का कहना है कि, हम विचार करके शुक्रवार तक आगे की रणनीति बनाएंगे। प्रगतिशील किसान मोर्चा के महासचिव गुरमनीत मंगत ने कहा कि, पंजाब सरकार को जवाब देना चाहिए कि, फ़ोर्स पंजाब सीमा के अंदर कैसे आ गई। किसान नेता आरोप है कि, कल से 6 लोग गायब हैं।
पुलिस द्वारा किसानों पर सीधी फायरिंग
किसानों का कहना है कि, पुलिस द्वारा उन पर सीधी फायरिंग की गई थी। पुलिस की ओर से इन आरोपों को लेकर कोई सफाई नहीं आई है। इधर हरियाणा पुलिस ने आरोप लगाया है कि, दाता सिंह-खनोरी बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियो ने पराली में मिर्च पाउडर डालकर पुलिस का चारो तरफ से घेराव किया ,पथराव के साथ लाठी, गंडासे इस्तेमाल करते हुए पुलिसकर्मियों पर हमला किया। इससे लगभग 12 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हैं।
दिल्ली सीमा पर डाले हैं डेरा
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेता, जिन्होंने 2020 - 21 में निरस्त किए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था, वे पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं पर स्थिति पर चर्चा करने के लिए चंडीगढ़ में एक बैठक कर रहे हैं। हजारों किसान अपने संगठनों द्वारा दिए गए "दिल्ली चलो" आवाहन के तहत दिल्ली सीमा पर डेरा डाले हुए हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), जो पंजाब-हरियाणा सीमा पर किसानों के विरोध का नेतृत्व कर रहा है, स्थिति पर चर्चा करने और आगे बढ़ने के लिए निर्णायक कार्रवाई करने के लिए गुरुवार को अपनी राष्ट्रीय समन्वय समिति और आम सभा की बैठक आयोजित कर रहा है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि, वे शुक्रवार शाम को आगे की रणनीति तय करेंगे।
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