RSS के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने छत्रपति शिवाजी के राज्याभिषेक के 350 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हिंदवी स्वराज स्थापना दिवस महोत्सव के कार्यक्रम को किया संबोधन। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि, शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज के परिकल्पना को वर्तमान में शासन में बैठे हुए लोग ( केंद्र सरकार ) पूरा कर रहे हैं। दत्तात्रेय होसबोले ने आगे कहा कि, वो ( पीएम मोदी ) उस परिकल्पना के चीजों को जमीन पर उतारने और लागू करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
महानता को संकुचित करने का प्रयास किया गया
दत्तात्रेय होसबाले ने संबोधन में आगे कहा कि, शिवाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज की स्थापना करके इस देश के धर्म और राष्ट्रीयता की रक्षा की व उसका पुनर्जागरण किया था। इसी तरह किसी भी क्षेत्र के किसी भी भाषा के महापुरुष जिन्होंने राष्ट्र, धर्म, संस्कृति के लिए अपना योगदान दिया, उनको किसी न किसी रूप से प्रांत और भाषा के साथ जोड़कर उनकी महानता को संकुचित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि, इस कारण से महापुरुषों को और राष्ट्र नायकों को हमने छोटी पहचान से इतिहास में रख दिया।
शिवाजी को हरा नहीं सके विदेशी आक्रान्ता
RSS के सह सरकार्यवाह ने कहा कि, शिवाजी महाराज को भी क्षेत्रीयता का थोड़ा सा शिकार बनाया गया है। शिवाजी महाराज को उस वक्त के धर्म विरोधी, राष्ट्र विरोधी विदेशी आक्रान्ता हरा नहीं सके, लेकिन इतिहासकारों की संकुचित भावना ने उनको ( शिवाजी महाराज ) हरा दिया। दत्तात्रेय होसबोले ने आगे कहा कि, शिवाजी महाराज को एक क्षेत्र में बांधने की कोशिश की गई।
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