गृहमंत्री अमित शाह लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन और आरक्षण बिल पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर जमकर हमले किए। उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल के जरिए उन लोगों की मदद मिलेगी, जो 70 साल से अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के लिए 24 सीटों को आरक्षित किया है, क्योंकि वे भारत की हैं। जम्मू में पहले 37 सीटें थीं, जिनको बढ़ाकर 43 कर दिया है। कश्मीर में सीटें 46 से बढ़ाकर 47 कर दी हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक 2023 और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2023 पर कहा कि मैं यहां जो विधेयक लेकर आया हूं, वह उन लोगों को न्याय दिलाने और उनका अधिकार दिलाने से संबंधित है जिनके खिलाफ अन्याय हुआ, जिनका अपमान हुआ और जिनकी उपेक्षा की गई। किसी भी समाज में जो लोग वंचित हैं उन्हें आगे लाना चाहिए, यही भारत के संविधान की मूल भावना है। उन्हें इस तरह से आगे लाना होगा, जिससे उनका सम्मान कम न हो। अधिकार देना और सम्मानपूर्वक अधिकार देना दोनों में बहुत अंतर है, इसलिए इसका नाम कमजोर और वंचित वर्ग की बजाय अन्य पिछड़ा वर्ग किया जाना जरूरी है।
गृहमंत्री अमित शाह लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन और आरक्षण बिल पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर जमकर हमले किए। उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल के जरिए उन लोगों की मदद मिलेगी, जो 70 साल से अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के लिए 24 सीटों को आरक्षित किया है, क्योंकि वे भारत की हैं। जम्मू में पहले 37 सीटें थीं, जिनको बढ़ाकर 43 कर दिया है। कश्मीर में सीटें 46 से बढ़ाकर 47 कर दी हैं।
Comments (0)