इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज यानी की गुरुवार को ज्ञानवापी मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। बता दें कि, उच्च न्यायालय ने वाराणसी कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि, ज्ञानवापी परिसर में ASI का सर्वे जारी रहेगा। इसके अलावा हाई कोर्ट ने कहा कि, इस सर्वे से किसी को कोई नुकसान नहीं होगा।
इसका भी फैसला राम मंदिर की तरह होगा
वहीं ज्ञानवापी मामले पर हाई कोर्ट से सर्वे की हरी झंडी मिलने के बाद प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। तमाम राजनेता इस मामले को लेकर बयान दे रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि, इससे सच्चाई बहार आएगी। उन्होंने कहा कि, इसका भी फैसला राम मंदिर की तरह होगा। बीजेपी नेता ने कहा कि, शिव भक्तों की मनोकामना पूरी होगी।
न्यायालय का निर्णय स्वागत योग्य है
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि, मुझे पूरा विश्वास है मुगल आक्रमणकारी ने जो विध्वंस किया था और छिपाया था वो सच सामने आएगा। वहीं, इसी मामले को लेकर बीजेपी के कद्दावर नेता लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि, न्यायालय का निर्णय स्वागत योग्य है। मैं मुस्लिम समाज से भी अपील करता हूं कि, सच को स्वीकार करने का साहस दिखाएं। इस फैसले को वैमनस्यता की नजर ने ना देखें।
ये संविधान और कानून की जीत है
भारतीय जनता पार्टी के नेता कपिल मिश्रा ने अदालत के इस फैसले पर अपना बयान देते हुए कहा कि, ज्ञानवापी पर हाई कोर्ट का निर्णय केवल हिंदू पक्ष की जीत नहीं बल्कि सत्य की, विज्ञान की, लॉजिक की व पुरातत्व शास्त्र की जीत है। ये संविधान और कानून की जीत है। उन्होंने आगे कहा कि, ASI के सर्वे का विरोध वही लोग कर रहे हैं, जो कुछ छिपाना चाहते हैं।
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