कर्नाटक में मंकी फीवर का कहर देखने को मिल रहा है। राज्य के उत्तर कन्नड़ जिले में मंकी फीवर से एक महिला की मौत हो गई। मंकी फीवर के नाम से मशहूर क्यासानूर फॉरेस्ट डिजीज (केएफडी) से 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, यह जिले में मंकी फीवर से होने वाली पहली मौत है। स्वास्थ्य अधिकारी इसे लेकर चिंतित हैं, क्योंकि प्रभावी टीकाकरण अभी तक उपलब्ध नहीं है।
कर्नाटक में मंकी फीवर के मामले
जानकारी के अनुसार, सिद्दापुर कस्बे के निकट जिद्दी गांव की रहने वाली महिला की हालत बुधवार को गंभीर हो गई थी। कर्नाटक में मंकी फीवर के 103 एक्टिव मामले हैं। अब तक 2 मौतें हुई हैं, जिनमें से एक-एक चिक्कमगलुरु और शिवमोग्गा जिलों में है। वहीं कर्नाटक सरकार ने प्रभावी टीकाकरण के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के साथ बातचीत की है और अधिकारियों को जल्द ही टीकाकरण होने की उम्मीद है। जिन क्षेत्रों में बीमारी का पता चला है, वहां जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
क्या है मंकी फीवर होने के लक्षण?
मंकी फीवर एक टिक-जनित वायरल रक्तस्रावी बीमारी है जो मनुष्यों और अन्य प्राइमेट्स के लिए घातक हो सकती है। केएफडी के लक्षण अचानक ठंड लगना, बुखार और सिरदर्द के साथ शुरू होते हैं। शुरुआती लक्षण के तीन-चार दिन बाद उल्टी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण और रक्तस्राव की समस्याओं के साथ गंभीर मांसपेशियों में दर्द हो सकता है।
Comments (0)