बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने गरीबों को कम से कम 200 यूनिट फ्री बिजली देने की विपक्ष की मांग को खारिज कर दिया है। उन्होंने दलील दी कि, उपभोक्ताओं को अत्यधिक रियायती दरों पर बिजली पहले से ही दी जा रही है।
नीतीश कुमार ने विपक्ष की मांग को किया खारिज
उर्जा विभाग के 11,422.67 करोड़ रुपये के बजटीय प्रस्ताव को सदन ने ध्वनि मत से पारित कर दिया। सीएम नीतीश कुमार ने विपक्षी सदस्यों की कम से कम 6,000 रुपए प्रति माह से कम कमाने वाले 94 लाख परिवारों को 200 यूनिट बिजली देने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। सूबे के मुखिया ने कहा कि, हम उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली नहीं दे सकते। मैं यह वर्षों से कह रहा हूं। हम पहले से ही उपभोक्ताओं को अत्यधिक रियायती दरों पर बिजली दे रहे हैं।
नहीं दे सकते बिजली हम लोग मुफ्त में
बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सीएम नीतीश कुमार की टिप्पणी को सदन में दोहराते हुए कहा कि, नहीं दे सकते बिजली हमलोग मुफ्त में। बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि, विभाग स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए विभिन्न छूट योजनाएं शुरू कर रहा है। मंत्री ने कहा कि, बिजली उपभोक्ताओं को सब्सिडी देने के लिए राज्य सरकार ने 2023-24 में 13,114 करोड़ रुपये मंजूर किए। जहां तक किसानों का सवाल है, सरकार पहले से ही उन्हें खेती के लिए 70 पैसे प्रति यूनिट की कीमत पर बिजली उपलब्ध करा रही है।''
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