बतौर वित्त मंत्री हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल राज्य की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के मौजूदा कार्यकाल का पांचवां और आखिरी बजट 23 फरवरी को पेश करेंगे। पिछले चार बजट भी मनोहर लाल ने ही पेश किए हैं। पिछले साल उन्होंने 1 लाख 83 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया था। इस बार बजट 2 लाख करोड़ के आसपास हो सकता है। बजट पूरी तरह से टैक्स फ्री रह सकता है। इस बार का बजट पूरी तरह से चुनावी रंग में रंगा नज़र आएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बजट सत्र के बाद मार्च माह में लोकसभा चुनावों का ऐलान होना है। लोकसभा चुनावों के करीब पांच महीनों के बाद हरियाणा के विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार इन चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपना बजट पेश करेगी। बजट में कई नई योजनाओं का ऐलान संभव है। किसान, गरीब, मध्यम वर्ग, महिलाओं और युवाओं पर बजट में विशेष ध्यान दिया जा सकता है। हरियाणा सरकार अभी तक एक लाख 20 हजार से अधिक युवाओं को पक्की नौकरी दे चुकी है। इस माह के आखिरी तक 28 से 29 हजार और नौकरियों के नतीजे घोषित होंगे। ऐसे में पिछले साढ़े नौ वर्षों में नौकरियों का आकड़ा डेढ़ लाख के करीब पहुंच जाएगा। प्राइवेट सेक्टर में नई नौकरियों के अलावा युवाओं को स्वरोजगार की ओर सरकार लेकर जाएगी। ऐसे में स्वरोजगार के लिए बजट में नये प्रावधान किए जा सकते हैं।
मार्च में होना है लोकसभा चुनावों का ऐलान, गरीब होंगे सरकार के एजेंडे में टॉप पर
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