महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण पर विधानसभा में विधेयक के पास होने के बाद अब मुस्लिम नेता भी रिजर्वेशन की मांग उठाने लगे हैं। इसी क्रम में AIMIM नेता वारिस पठान ने 5 फीसदी मुस्लिम आरक्षण की मांग उठाते हुए कहा कि, बीजेपी और पीएम मोदी का ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का नारा एक जुमला है। उन्होंने भगवा दल मुसलमानों को शिक्षित एवं मजबूत बनाना ही नहीं चाहता।
हमारी मांग को बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी जायज माना है
AIMIM नेता वारिस पठान ने कहा कि, हमारी मांग गलत नहीं है। हम 5 फीसदी अरक्षिण मुस्लिम समाज की तरफ से शिक्षा के लिए मांग रहे हैं। इस मांग को बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी जायज़ माना है, तो फिर महाराष्ट्र सरकार इसे लागू क्यों नही करती? जब बात मुसलमानों के आरक्षण की आती है तो राज्य सरकार गूंगी क्यों बन जाती है? हमारे मुस्लिम समाज मे भी कितनी पिछड़ी जातियां हैं।
सबका साथ, सबका विकास बीजेपी का जुमला है
उन्होंने कहा कि, पसमांदा मुसलमानों को ताकतवर बनाने की बात तो पीएम मोदी भी करते हैं, तो फिर हम धर्म के आधार पर नहीं बल्कि पिछड़ेपन के आधार पर 5% शिक्षा में आरक्षण मांग रहे हैं। फिर मुसलमानों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों? AIMIM नेता ने कहा कि, बीजेपी और पीएम मोदी की मुसलमानों को लेकर नीयत में ही खोट है। ये सिर्फ दिखावे के लिए, मुसलमानों के लिए ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का जुमला बोलते हैं। ये मुसलमानों को शिक्षित और मजबूत बनाना ही नहीं चाहते।
Comments (0)