किन्नर कथा वाचक हिमांगी सखी को अब जगतगुरु की उपाधि मिल गई है। प्रयागराज महाकुंभ में वह महिलाओं के परी अखाड़े में शामिल हो गई है। दरअसल, परी अखाड़े ने उन्हें जगतगुरु की पदवी देकर उनका पट्टाभिषेक किया है। महाकुंभ के आयोजन के दौरान हिमांगी सखी को परी अखाड़े की तरफ से शंकराचार्य के पद पर भी विभूषित किया जाएगा। आपको बता दें कि,
हिमांगी सखी एक साथ पांच भाषाओं में भागवत कथा सुनाने वाली देश की पहली किन्नर है।
जगतगुरु की पदवी से विभूषित होने के बाद किन्नर हिमांगी सखी ने सनातन रक्षा यात्रा की शुरुआत कर दी है। सखी अब प्रयागराज महाकुंभ के बाद देश भर में यात्राएं निकालकर सनातन धर्मियों को एकजुट होने की नसीहत देगी। उन्हें आपस में बंटने पर कटने के अंजाम से रूबरू कराएंगी।
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